BJP ने अपने पोस्टरों में तमिल लेखक को बता दिया झुग्गीवासी, ऐसे पकड़ में आया मामला

भाजपा के पोस्टरों में खुद को झुग्गीवासी के तौर पर दिखाए जाने पर तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन ने भी प्रतिक्रिया दी। पेरूमल मुरुगन ने अपने फेसबुक अकाउंट से दिल्ली भाजपा इकाई द्वारा जारी किए गए पोस्टर को शेयर करते हुए लिखा कि मैं झुग्गियों से ताल्लुक रखता हूं।

भाजपा के पोस्टरों में लगी तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन की तस्वीर (फोटो: ट्विटर)

भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई ने पिछले दिनों झुग्गी सम्मान यात्रा का आयोजन किया। लेकिन झुग्गी सम्मान यात्रा के एक पोस्टर पर विवाद खड़ा हो गया। भाजपा की दिल्ली इकाई ने झुग्गी सम्मान यात्रा के पोस्टर में तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन की तस्वीर लगा दी। तमिल लेखक की तस्वीर को पोस्टर में शामिल किए जाने पर तरह तरह के सवाल उठने लगे।

भाजपा की दिल्ली इकाई की तरफ से झुग्गी सम्मान यात्रा को लेकर जारी किए गए पोस्टरों में पांच छह लोगों को झुग्गी वाले के तौर पर दिखाया गया। इसमें नीले रंग की शर्ट पहने पेरूमल मुरुगन की तस्वीर को बीच में लगाया गया। साथ ही इस तरह के अधिकांश पोस्टरों में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की तस्वीर भी लगाई गई। इसके अलावा इन पोस्टरों में दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता के फोटो को भी शामिल किया गया था।

इन पोस्टरों को कई भाजपा नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया। भाजपा के पोस्टरों में खुद को झुग्गीवासी के तौर पर दिखाए जाने पर तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन ने भी प्रतिक्रिया दी। पेरूमल मुरुगन ने अपने फेसबुक अकाउंट से दिल्ली भाजपा इकाई द्वारा जारी किए गए पोस्टर को शेयर करते हुए लिखा कि मैं झुग्गियों से ताल्लुक रखता हूं। आल्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली भाजपा इकाई ने पेरूमल मुरुगन की जिस तस्वीर को अपने पोस्टर में शामिल किया था। दरअसल वह फोटो न्यूयार्क टाइम्स ने साल 2018 में इस्तेमाल की थी।

हालांकि पोस्टर को लेकर विवाद बढ़ने पर भाजपा की दिल्ली इकाई ने अपनी सफाई पेश की। बीते दिनों इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष राजन तिवारी ने कहा कि हम डिज़ाइन टीम के साथ इसको देखेंगे। एक भाजपा नेता ने यह भी कहा कि आमतौर पर पार्टी पदाधिकारियों की अनुमति के बाद ही पोस्टर को छापा जाता है। पोस्टर में भाजपा के कार्यक्रम का ही फोटो इस्तेमाल किया जाता है न कि किसी ऐसे फोटो का जिसके स्त्रोत की कोई जानकारी नहीं हो।

गौरतलब है कि साल 2014 में तमिल लेखक की एक किताब मधुरभागम को लेकर भाजपा और संघ कार्यकर्ताओं ने उनका जमकर विरोध किया था। भाजपा नेताओं में किताब में हिंदू भावना आहत करने का आरोप लगाते हुए तमिल लेखक पेरूमल मुरुगन को गिरफ्तार करने और उनकी किताब पर बैन लगाने की मांग की थी। 

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