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खुले में शौच करने वालों के साथ लें Selfie, जीते 500 रुपए का इनाम

बुलढाणा जिले के चिखली तहसील के 5 गावों की पंचायतों ने एचआईवी को मात देने के लिए बड़ा फैसला लिया था। इस फैसले के तहत शादी से पहले लड़के-लड़की का एचआईवी टेस्ट कराना होगा और जो एचआईवी टेस्ट में पास होगा, उन्हीं की शादी की होगा।

इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई सेलिब्रेटिज द्वारा स्वच्छता को लेकर मुहिम चलाने के बाद भी लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में अभी भी लोग खुले में शौच कर रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए स्थानीय लोग भी अब अपने स्तर पर अभियान चलाने में जुट गए हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के बुलडाणा जिले की चांडोल पंचायत ने खुले में शौच करने वालों से निपटने के लिए अनोखा तरीका निकाला है। हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के मुताबिक ग्राम पंचायत ने फैसला लिया है कि खुले में शौच करने वाले व्यक्ति के साथ सेल्फी लेने वाले को 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा। मोदी सरकार के स्वच्छता अभियान के तहत प्रशासन ने स्वच्छता की मुहिम शुरू की थी। इसमें ग्राम पंचायत ने खुले में शौच को लेकर एक प्रस्ताव रखा। दरअसल इसके पीछे उनकी मंशा है कि खुले में शौच करने वाले की फोटो लेने पर उसे शर्मिंदगी महसूस होगी और वह ऐसा करने से बचेगा। पंचायत ने इस पर मुहर लगा दी है। अगले साल अप्रैल से यह फैसला लागू हो जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले साल भी इस पंचायत ने कुछ इसी तरीके की अनोखी मुहिम चलाई थी। बुलढाणा जिले के चिखली तहसील के 5 गावों की पंचायतों ने एचआईवी को मात देने के लिए बड़ा फैसला लिया था। इस फैसले के तहत शादी से पहले लड़के-लड़की का एचआईवी टेस्ट कराना होगा और जो एचआईवी टेस्ट में पास होगा, उन्हीं की शादी की होगा। शादी करने से पहले लड़के या लड़की को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपने खून की एचआईवी जांच करनी होगी और सर्टिफिकेट लेना होगा, इस तरह भावी पीढ़िया एचआईवी मुक्त होगी।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने जिस अभियान को तेजी के साथ चलाया था वह मिशन अभी भी बहुत दूर है। इस अभियान के तहत 2019 के अंत तक भारत को खुले में शौच से मुक्त (open defecation-free) बनाने की बात कही गई थी। हालांकि सितंबर महीने में आए आकड़ों के मुताबिक यह मिशन अभी भी दूर हैं, कुल 4, 041 शहरों में से केवल 141 शहर और कुल 6.08 लाख गांवों के छठवें से भी कम को खुले में शौच से मुक्त (ODF) घोषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ODF का सिर्फ 16 पर्सेंट और शहरी क्षेत्रों में सिर्फ 3.5 पर्सेंट टारगेट अब तक पूरा किया गया है।

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