दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 2020 के दंगों से संबंधित एक मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन अधिकारियों को निर्देश दिया कि उनकी सर्जरी 15 दिनों के भीतर कराई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह पूर्व आप पार्षद की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। हुसैन ने चिकित्सा कारणों से एक महीने की अंतरिम जमानत मांगी थी।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इन तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इस आवेदन का निपटारा निम्नलिखित शर्तों पर किया जाता है कि जरूरत को ध्यान में रखकर आवेदक की सर्जरी आज से 15 दिनों के भीतर की जाए।
ताहिर हुसैन का मामला समझें
हुसैन छह अप्रैल, 2020 से न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 के दंगों से संबंधित एक मामले में 20 मार्च से 20 अप्रैल तक जमानत मांगी थी। उन्होंने अंतरिम जमानत अर्जी में कहा है कि उन्हें ‘इंगुइनल हर्निया’ है जिसके लिए उन्हें सर्जरी करानी होगी तथा आपरेशन के बाद भी देखभाल की आवश्यकता होगी। न्यायाधीश ने कहा कि डाक्टर की सलाह के अनुसार, आवेदक (हुसैन) को अस्पताल में आपरेशन के बाद और जेल में सभी देखभाल की जाएगी। हुसैन उत्तरपूर्वी दिल्ली दंगों के संबंध में दयालपुर थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में पांच आरोपियों गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी।
दिल्ली दंगों का आरोपी है ताहिर हुसैन
ताहिर हुसैन फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों का प्रमुख आरोपी है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए इन दंगों में 53 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। ताहिर हुसैन के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इनमें से एक मामला इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसर अंकित शर्मा की मौत से संबंधित है।
