ताज़ा खबर
 

तबरेज अंसारी लिंचिंग केस: 11 आरोपियों से पुलिस ने हटाई मर्डर की धारा, ‘कार्डियक अरेस्ट’ बताई मौत की वजह

रिपोर्ट के मुताबिक यह कोई सुनियोजित मर्डर नहीं था। पुलिस ने इस मामले में पिछले महीने ही धारा 304 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी।

Author रांची | Updated: September 10, 2019 8:42 AM
Tabrez Ansari murder, Jharkhand Police, Tabrez Ansari mob lynching, Jharkhand crime, cardiac arrest, post mortem report, Tabrez mob lynching, mob attackभीड़ ने 18 जून को तबरेज अंसारी के साथ मारपीट की थी।

तबरेज अंसारी लिंचिंग केस में झारखंड पुलिस ने 11 आरोपियों से मर्डर की धारा हटा दी है। इसके साथ ही पुलिस ने अंसारी की मौत की वजह ‘कार्डियक अरेस्ट’ को बताया है। ‘फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट’ में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कोई सुनियोजित मर्डर नहीं था। पुलिस ने इस मामले में पिछले महीने ही धारा 304 के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। अंसारी की करीब चार महीने पहले मौत हो गई थी। पुलिस ने इससे पहले अंसारी की पत्नी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में हत्या का आरोप लगाया था।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में बातचीत में सरायकेला-खरसावां के एसपी कार्तिक एस ने कहा ‘हमने इस मामले में आईपीसी की धारा 304 के तहत दो वजह से चार्जशीट दाखिल की थी। पहला तो अंसारी की मौत घटनास्थल पर नहीं हुई थी… और ग्रामीणों का अंसारी को मारने का कोई इरादा नहीं था। इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में हत्या के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई थी। लेकिन अब फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि अंसारी की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई और इसके साथ ही सिर पर लगी चोट उतनी गहरी नहीं थी। इसलिए मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट और सिर पर लगी चोट है।’

बता दें कि झारखंड में कथित तौर पर उन्मादी भीड़ ने 24 वर्षीय तबरेज अंसारी की इतनी पिटाई की थी कि उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। बचपन में ही माता-पिता को खोने के बाद आठ साल पहले तबरेज पुणे चला गया था। अप्रैल महीने में वह शादी के लिए घर लौटा था। 27 मई को तबरेज की शादी 19 वर्षीय शाहिस्ता परवीन से हुई थी। कुछ ही दिनों बाद दोनों पुणे जाने वाले थे।

तबरेज के परिवारवालों के अनुसार, 17 जून को वह जमशेदपुर से अपनी चाची से मिलने के बाद वापस लौट रहा था, तभी धतकीडीह गांव के लोगों ने उसे पकड़ लिया और चोर बता पिटाई की। तेबरेज के चाचा मंसूर आलम, जो उसे बचाने के लिए पुलिस थाने गए थे, कहते हैं, ‘कुछ थप्पड़ लगाने के बाद तबरेज को जाने दिया जा सकता था, लेकिन नाम बताने के बाद उसे बिजली के पोल से बांध दिया गया और पूरी रात पिटाई की गई। बाद में उसे जंगली क्षेत्र में ले जाया गया और फिर पिटाई की गई। उसे ‘जय श्री राम और जय हनुमान’ का नारा लगाने को मजबूर किया गया।’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से फिर होगा संपर्क? ISRO ने नहीं छोड़ी है उम्मीद
2 पाक में एएसआइ बनने वाली पहली हिंदू
3 अंतरिक्ष अनुसंधान: चांद पर आर्यभट्ट से लेकर डॉ भाभा तक
राशिफल
X