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BJP के स्वतंत्र सिंह बोले- नेतागिरी का ये मतलब नहीं फॉर्च्यूनर से किसी को कुचल दें, CM योगी ने कहा- दोषियों को बख्शेंगे नहीं

स्वतंत्र देव सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने का वीडियो सामने आया है। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हो चुकी है।

BJP के स्वतंत्र सिंह बोले- नेतागिरी का ये मतलब नहीं फॉर्च्यूनर से किसी को कुचल दें, CM योगी ने कहा- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
लखीमपुर प्रकरण के चलते बीजेपी की हुई खासी किरकिरी (Photo Source – PTI)

लखीमपुर में हुई हिंसा मामले में यूपी के भाजपा प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह ने कहा है कि नेतागिरी का मतलब किसी को लूटना नहीं है या फिर फॉर्च्यूनर से किसी को कुचलना नहीं हैं। हम यहां किसी को लूटने या फिर फॉर्च्यूनर से किसी को कुचलने नहीं आए हैं। रविवार को राजधानी लखनऊ में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक थी। इसमें यूपी बीजेपी के प्रभारी राधा मोहन सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह पहुंचे थे।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वोट आपके व्यवहार से मिलेगा। आप जहां रहते हैं वहां आपका व्यवहार कैसा है। ये काफी महत्वपूर्ण है। ऐसा तो नहीं कि जब आप मोहल्ले में निकलते हैं तो लोग आपसे कतराते हों। स्वतंत्र देव सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने का वीडियो सामने आया है। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी हो चुकी है।

उधर, लखीमपुर खीरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोषियों को बख्शेंगे नहीं। कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं होगी लेकिन किसी के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। सरकार उसकी तह तक जा रही है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे यूपी में यहीं किया है। जिनके खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं, हमने उनके खिलाफ कार्रवाई करने में कोई गुरेज नहीं किया है। लखीमपुर खीरी की घटना में भी सरकार यही कर रही है। उनका कहना था कि जब कानून सबको सुरक्षा प्रदान करने की गारंटी दे रहा है तो किसी को भी अपने हाथ में कानून लेने का अधिकार नहीं है।

ध्यान रहे कि इस मामले में मंत्री के बेटे को अरेस्ट न करने पर योगी सरकार की काफी किरकिरी हो चुकी है। यूपी पुलिस ने आशीष को गवाह के तौर पर नोटिस भेजा था न कि आरोपी की तरह से। सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को खरी खोटी सुनाई हैं। आशीष की अरेस्ट को सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अदालत ने यूपी सरकार से मेरिट के आधार पर एक्शन लेने को कहा था। सरकार को हिदायत दी गई थी कि वह इस बात की परवाह न करे कि आरोप किस पर हैं बल्कि कानून के तहत काम करे।

लखीमपुर खीरी में पिछले रविवार को बीजेपी नेताओं, कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच हिंसा हुई थी। इसमें केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र पर किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप लगा था। आशीष मिश्रा को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आधी रात के बाद उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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