Swatantra Bhardwaj Controversy: दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा के पिता पर हमला करने के आरोपी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भरद्वाज को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बुलंदशहर के एक गांव में छिपा हुआ था।

इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। इसके साथ ही पुरानी प्राथमिकी में SC/ST एक्ट की प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ दी गई हैं।

हमले के बाद दिया था भड़काऊ बयान

जुलाई में CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई इस हिंसा के बाद स्वतंत्र भरद्वाज ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उसने नाबालिग छात्रा के पिता का सिर फोड़ दिया है। इतना ही नहीं, उसने अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देते हुए शेखी बघारी थी कि वह जेल जाने से बच जाएगा।

इस बयान के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका, समर्थकों और नेताओं के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे और सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

गांव में कैब ड्राइवर के घर ली थी शरण

पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए स्वतंत्र भारद्वाज शुक्रवार तड़के बुलंदशहर के नैथला गांव पहुंच गया था। वहां वह हरिशंकर शर्मा नाम के व्यक्ति के घर ठहरा, जो दिल्ली-एनसीआर में कैब चलाता है।

हरिशंकर शर्मा ने बताया, “वह पहले एक यात्रा के दौरान मुझसे मिला था। उसने फोन करके मिलने आने की बात कही और सुबह एक अन्य व्यक्ति के साथ मेरे घर पहुंच गया। शुरुआत में मुझे कोई शक नहीं हुआ, लेकिन जब गांव में मीडियाकर्मी पहुंचने लगे, तो मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है।”

कैब ड्राइवर ने क्या-क्या कहा?

हरिशंकर के मुताबिक, बाद में स्वतंत्र ने ‘पांच मिनट में लौटने’ की बात कहकर मोटरसाइकिल मांगी। शर्मा ने आगे बताया, “दोपहर करीब 2 बजे दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम आई। उन्होंने कहा, ‘हम क्राइम ब्रांच से हैं; स्वतंत्र, हमारे साथ चलो’, और उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद ही मुझे पता चला कि वह दिल्ली में किसी आपराधिक मामले में वांछित है।”

स्थानीय पुलिस को भनक तक नहीं लगी

बुलंदशहर के स्थानीय निवासियों ने बताया कि सादे कपड़ों में आई दिल्ली पुलिस की टीम ने स्वतंत्र को धमेड़ा नरा गांव के पास से उठाया। वहीं, सिकंदराबाद के क्षेत्राधिकारी (CO) दीपक कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस को सोशल मीडिया के जरिए उसकी मौजूदगी की जानकारी मिली थी। जब तक स्थानीय पुलिस की टीम पहुंची, तब तक दिल्ली पुलिस उसे ले जा चुकी थी। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय थाने में अपनी आवक दर्ज नहीं कराई थी।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज?

मूल रूप से बिहार का रहने वाला स्वतंत्र भरद्वाज दिल्ली में रहकर पढ़ाई और सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहा है। वह सोशल मीडिया पर खुद को सनातनी योद्धा बताता है और उसके अकाउंट्स पर कई भड़काऊ और नफरत भरे वीडियो मौजूद हैं।

पीड़ित छात्रा ने बयां किया दर्द

हमले के बाद FIR दर्ज कराने वाली नाबालिग छात्रा ने बताया कि उसे और उसके परिवार को मौखिक दुर्व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ा।

पीड़िता ने कहा, “घटना के बाद बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। मैं कुछ हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकी क्योंकि मुझे लगता था कि हर कोई मुझे ही जज कर रहा है। मुझे उम्मीद है कि पुलिस अब सख्त कार्रवाई करेगी।”

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पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि पुलिस को एक टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। इस टीचर को दक्षिण कोलकाता के एक मिशनरी स्कूल ने सस्पेंड कर दिया था, क्योंकि उस पर एक स्टूडेंट के माथे से चंदन का तिलक हटाने का आरोप था। सीएम ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसी चीजें नहीं होंगी। पढ़िए पूरी खबर…