स्वरूपानंद ने की आरक्षण खत्म करने की वकालत - Jansatta
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स्वरूपानंद ने की आरक्षण खत्म करने की वकालत

स्वरूपानंद ने कहा कि जो आरक्षण के बूते सरकारी नौकरी पा लेगा, वह योग्य नहीं होगा। आरक्षण के बल पर जो डॉक्टर बनेगा, उससे लोग इलाज नहीं करवाएंगे।

Author हरिद्वार | April 19, 2016 12:42 AM
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (एक्सप्रेस आर्काइव)

ज्योतिष पीठ बद्रीनाथ और शारदा द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मुखालफत की है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण कतई नहीं होना चाहिए। आरक्षण होने से एक वर्ग हर लहजे में कमजोर हो जाता है।

स्वरूपानंद ने यहां कनखल स्थित मठ में पत्रकारों से कहा कि जो आरक्षण के बूते सरकारी नौकरी पा लेगा, वह योग्य नहीं होगा। आरक्षण के बल पर जो डॉक्टर बनेगा, उससे लोग इलाज नहीं करवाएंगे। और जो आरक्षण की वजह से कॉलेज में प्रोफेसर बन जाएगा, उससे कोई छात्र पढ़ेगा नहीं। आरक्षण किसी भी व्यक्ति को मजबूत नहीं बनाता है बल्कि कमजोर बनाता है।

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल समाज के एक वर्ग को आरक्षण देने की वकालत इसलिए करते हैं ताकि यह वर्ग कमजोर बना रहे। और राजनीतिक दलों को इस वर्ग के वोट पड़ते रहे। राजनीतिक दल अपने वोटों की खातिर आरक्षण की वकालत करते हैं। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था और तब संविधान बनाते समय संविधान निर्माताओं ने दस साल के लिए समाज के एक वर्ग को आरक्षण देने की बात कही थी। लेकिन आरक्षण आज तक लागू है।

शंकराचार्य ने कहा कि एक ओर महाराष्ट्र में सूखा पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर शिरडी में सार्इं मंदिर पर डेढ़-दो करोड़ रुपए दान में चढ़ाए जाने का प्रचार किया जा रहा है। यह सब सार्इं मंदिर के लोगों द्वारा कालेधन को सफेद धन में तब्दील करने के लिए किया जा रहा है। यह पैसा विदेशों से आ रहा है।

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