इलाज के लिए तैयार नहीं थे AIIMS के डॉक्टर, सुषमा स्वराज ने कहा था- आप बस इंस्ट्रूमेंट पकड़िए

स्वराज कौशल ने ट्वीट कर लिखा कि 'एम्स के डॉक्टर भारत में उनके किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार नहीं थे। इस पर सुषमा जी ने कहा कि यह देश की इज्जत का सवाल है और विदेश जाने से मना कर दिया।'

sushma swaraj

पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता रहीं सुषमा स्वराज ने बीते अगस्त माह में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। सुषमा स्वराज के निधन के बाद उनके पति स्वराज कौशल ने पूर्व विदेश मंत्री के इलाज से जुड़े एक राज से पर्दा उठाया है। दरअसल सोमवार को कई ट्वीट कर स्वराज कौशल ने बताया कि एम्स के डॉक्टर भारत में सुषमा स्वराज के किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन सुषमा स्वराज ने ही उन्हें इसके लिए तैयार किया और कहा था कि ‘आप बस इंस्ट्रूमेंट पकड़िए।’

स्वराज कौशल ने ट्वीट कर लिखा कि ‘एम्स के डॉक्टर भारत में उनके किडनी ट्रांसप्लांट के लिए तैयार नहीं थे। इस पर सुषमा जी ने कहा कि यह देश की इज्जत का सवाल है और विदेश जाने से मना कर दिया। उन्होंने ही सर्जरी की डेट तय की थी और डॉ. मुकुट मिंज से कहा कि डॉक्टर साहब- आप सिर्फ इंस्ट्रूमेंट पकड़िए, कृष्णा मेरी सर्जरी आप करेंगे।’

स्वराज कौशल ने लिखा कि ‘सर्जरी के एक दिन बाद ही वह एक कुर्सी पर बैठीं मुस्कुरा रहीं थी। ‘उन्होंने कहा कि यदि हम विदेश जाते, तो लोग हमारे डॉक्टरों और अस्पतालों पर विश्वास खो देते।’ उन्होंने (सुषमा स्वराज) अपनी सर्जरी को एक छोटे ऑपरेशन की तरह ट्रीट किया और इसका सारा श्रेय एम्स के डॉक्टरों, समर्पित नर्सों और स्टाफ को दिया।’

अपने एक अन्य ट्वीट में स्वराज कौशल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और बताया कि ‘उन्होंने पीएम को इलाज के लिए मिलने हॉस्पिटल विंग को हमें दे दिया था। वह हमसे नियमित अंतराल पर बातचीत करते थे। ऐसा कुछ भी नहीं था, जो किया जाना चाहिए था और नहीं किया गया। इस सबका नतीजा था कि वह पूरी तरह से ठीक होकर काम पर लौट आयीं थी। धन्यवाद प्रधानमंत्री जी।’

पूर्व गवर्नर ने लिखा कि ‘हमें अपने डॉक्टरों पर विश्वास करना चाहिए। हम एम्स के डॉक्टरों को सैल्यूट करते हैं और कोई भी उनके समर्पण और प्रतिस्पर्धा का मुकाबला नहीं कर सकता।’ स्वराज कौशल ने अपने देश के डॉक्टरों की तारीफ करते हुए लिखा कि ‘विदेशों के बेहतरीन माने जाने वाले सर्जन एक साल में सिर्फ 30 ट्रांसप्लांट सर्जरी करते हैं। वहीं डॉ. मुकुट मिंज करीब 3500 ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। डॉ.वीके बंसल 1000 से ज्यादा और डॉ. संदीप गुलेरिया एक साल में 300 सर्जरी करते हैं। इनकी सफलता की दर दुनिया में सबसे बेहतर है। हमें अपने मेडिकल टैलेंट पर गर्व है।’

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