सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के अगले मुख्यमंत्री होंगे। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया है। सुवेंदु बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री होंगे। वह 2020 में ही टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। सुवेंदु अधिकारी का पूरा परिवार राजनीति में है। उनके पिता शिशिर अधिकारी तीन बार के सांसद रह चुके हैं और यूपीए सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री थे।
कांग्रेस से सुवेंदु ने की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत
सुवेंदु अधिकारी ने अपनी यात्रा कांग्रेस से शुरू की थी लेकिन धीरे-धीरे ममता बनर्जी के करीबी बनते चले गए। जब 1998 ममता ने पार्टी बनाई, उसके 2 साल बाद अपने पिता और भाइयों के साथ वह टीएमसी में शामिल हो गए थे। सुवेंदु की संगठनात्मक क्षमता शानदार है और इसका अंदाजा ममता बनर्जी को भी था। सुवेंदु अधिकारी की ही मेहनत की देन थी कि पूर्वी मेदिनीपुर इलाका टीएमसी का गढ़ बन चुका था।
अभिषेक की वजह से रिश्ते हुए खराब
हालांकि जब अभिषेक बनर्जी को ममता बनर्जी ने आगे बढ़ाना शुरू किया और पार्टी में नंबर दो की हैसियत पर पहुंचाया, तब से सुवेंदु अधिकारी और ममता के बीच रिश्ते खराब होने शुरू हो गए। आखिरकार दिसंबर 2020 में सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी छोड़ दी। अभिषेक से पहले टीएमसी में नंबर 2 का कद सुवेंदु अधिकारी के पास था।
अभिषेक के खिलाफ सुवेंदु ने दिया था नारा
ममता सरकार में परिवहन समेत कई विभागों के मंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2020 में अचानक पार्टी छोड़ दी। उसके तुरंत बाद नारा दिया, “तोलाबाज भाईपो हटाओ (उगाही करने वाले भतीजे को बाहर निकालो)।” इसी नारे से ममता बनर्जी अधिकारी परिवार से नाराज हो गईं। इसके बाद पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक जनसभा में इस नारे के कारण ममता बनर्जी ने अधिकारी परिवार को ‘मीर जाफ़र (गद्दार)’ कहा था। ममता बनर्जी ने इसी सभा में खुद को ‘बड़ा गधा’ कहा। ममता ने खुद को गधा इसलिए कहा क्योंकि उनके अनुसार वह सुवेंदु का ‘असली चेहरा’ पहचानने में नाकाम रहीं थीं।
हालांकि ममता को सुवेंदु ने पहला बड़ा झटका तब दिया जब 2021 के चुनाव में ममता नंदीग्राम में उनसे हार गईं और टीएमसी ने पूर्वी मेदिनीपुर पर अपनी मज़बूत पकड़ खो दी। 2021 के चुनाव में नंदीग्राम में और फिर इस बार भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने के साथ सुवेंदु आम लोगों के बीच एक स्टार बन गए। 2021 के बाद विपक्ष के नेता के तौर पर तृणमूल कांग्रेस के भारी बहुमत के बीच उनके कड़े रुख ने बीजेपी में उनकी पकड़ बढ़ा दी।
(यह भी पढ़ें- विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने पहले भाषण में क्या कहा?)
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने वहां मौजूद सभी विधायकों से खड़े होकर नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए कहा। पढ़ें पूरी खबर
