West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को हालिशहर में पुलिस हिरासत में हाल ही में मृत पाए गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार वालों से मुलाकात की और 10 लाख रुपये के मुआवजे और उनकी पत्नी के लिए नौकरी की घोषणा की।

प्रशासन ने मामले के जांच अधिकारी को भी सस्पेंड कर दिया और हिरासत में हुई मौत की मजिस्ट्रेट जांच पूरी होने तक हालिशहर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को सक्रिय ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

प्रशासन पर भरोसा रखने के लिए मृतक के परिवार का धन्यवाद- सीएम

पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “राज्य प्रशासन पर भरोसा रखने के लिए मृतक परिवार का धन्यवाद। उन्हें पुलिस के शीर्ष अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, लेकिन उन्होंने हालिशहर पुलिसकर्मियों पर कई आरोप लगाए हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि व्यक्ति की मृत्यु पुलिस हिरासत में हुई।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “चूंकि वह (टीएमसी कार्यकर्ता) अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, इसलिए उसकी पत्नी ने मुझे बताया कि उसके लिए परिवार का भरण-पोषण करना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, मैंने उसे मुख्यमंत्री के अटेंडेंट के तौर पर नौकरी दी। उसे एक साल तक 15000 रुपये मासिक वेतन पर अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम करना होगा और उसके बाद उसे ग्रुप डी कर्मचारी के रूप में स्थायी कर दिया जाएगा।”

अधिकारी ने आगे कहा कि उनसे पहले के दो मुख्यमंत्रियों ने किसी भी विपक्षी कार्यकर्ता की मौत होने पर उनके घर का दौरा नहीं किया, लेकिन उन्होंने और शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित के परिवार से मुलाकात की।

शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना

इस बीच, मुख्यमंत्री ने रविवार को ममता बनर्जी की पीड़ित परिवार से मिलने की कोशिश को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें सलाह नहीं दे सकता क्योंकि मैं उनसे छोटा हूं। मैं उनसे गुजारिश करूंगा कि अगर वह कहीं जाना चाहती हैं, तो प्रशासन को अपना शेड्यूल बताएं ताकि वे सही सुरक्षा का इंतजाम कर सकें।”

उन्होंने आगे कहा, “मृत लड़के की पत्नी ने मुझे एक पत्र दिया है। हालांकि परिवार तृणमूल कांग्रेस का समर्थक है, लेकिन उन्होंने किसी को भी इस मौत का राजनीतिकरण नहीं करने दिया है। कल पूर्व मुख्यमंत्री आईं, लेकिन मृतक के परिवार वालों ने उनसे मुलाकात नहीं की। मृतक के बड़े भाई ने साफ तौर पर कहा है कि वे न्याय चाहते हैं और उन्हें प्रशासन पर पूरा भरोसा है।”

ममता बनर्जी को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को हालिशहर में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। वह टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने के लिए जा रही थीं। भीड़ ने टीएमसी सुप्रीमो की कार को घेर लिया और चोर-चोर के नारे लगाए। साथ ही गाड़ी पर कीचड़ और चप्पलें भी फेंकीं। बीजेपी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि वह हिंसा का समर्थन नहीं करती, वहीं मुख्यमंत्री अधिकारी ने बनर्जी पर राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने हमले में बीजेपी कार्यकर्ताओं की संलिप्तता से भी इनकार किया। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…