ताज़ा खबर
 

सुषमा स्‍वराज के बचाव में आए अरुण जेटली

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आईपीएल घोटाले के आरोपी ललित मोदी को वीजा दिलवाने का मामला गंभीर रूप से लिया जा रहा है, ऐसे में विवादों में घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बचाव वित्तमंत्री अरुण जेटली ने किया है।
सुषमा पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद: अरुण जेटली

‘मोदीगेट’ पर अपने रुख को और सख्त करते हुए कांग्रेस ने मंगलवार को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली एसआइटी से जांच कराने की मांग की। वहीं सरकार की ओर से मंगलवार को भी सुषमा का समर्थन करते हुए उनके कदम को पूरी तरह सही ठहराया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सुषमा का बचाव किया और कहा कि विदेश मंत्री ने सद्भावना व नेकनीयत से कदम उठाया और पूरी सरकार व भाजपा इस मुद्दे पर एकमत है।

कांग्रेस के पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार के वरिष्ठ नेतृत्व की सांठगांठ है (पूर्व आइपीएल प्रमुख ललित मोदी के साथ) जिसकी कि क्रिकेट के प्रबंधन और कुप्रबंधन में मिलीभगत रही है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली एसआइटी से स्वतंत्र जांच जरूरी है क्योंकि यह मुद्दा सिर्फ यात्रा दस्तावेज तक ही सीमित नहीं है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि ललित मोदी की भाजपा में शीर्ष स्तर पर व्यक्तिगत पहचान है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े हुए थे जब वे राज्य के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने इस मुद्दे पर चुप्पी लगाए रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को पूरी स्थिति साफ करनी चाहिए। सुषमा स्वराज का बचाव करने के लिए उन्होंने गृह मंत्री राजनाथ सिंह की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री यह कैसे कह सकते हैं कि सुषमा ने सही किया है। गृह मंत्री का काम भगोड़ों और वांछित व्यक्तियों को विदेश से देश में लाना है। यह किस तरह की राष्ट्रभक्ति है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली को यह बताना चाहिए कि पिछले साल 26 मई को राजग के सत्ता में आने के बाद से प्रवर्तन निदेशालय और दूसरी जांच एजंसियों ने ललित मोदी से जुड़े मामले में क्या कार्रवाई की है। पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता अजय कुमार ने आरोप लगाया कि सूट बूट की सरकार करोड़ों रुपए का घोटाला करने के आरोपी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रही है।

उधर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सुषमा स्वराज ने सद्भावना और नेक नीयत के तहत काम किया और पूरी सरकार व भाजपा इस मुद्दे पर एकमत है। जेटली ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय की ओर से जारी लाइट ब्लू कार्नर नोटिस आज भी वैध है। सुषमा के कदम की पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा मानवीय बता कर बचाव किए जाने के दो दिन बाद जेटली उनके बचाव में उतरे हैं।

ललित मोदी पांच साल से अधिक समय से लंदन में शरण लिए हुए हैं। उन पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लांडरिंग और 1700 करोड़ रुपयों के अन्य मामलों के आरोप लगाए गए हैं और इस संबंध में जांच के लिए वह उन्हें भारत लाना चाहता है। दिलचस्प यह है कि जम्मू कश्मीर के लिए बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन से पहले जेटली, राजनाथ सिंह और सुषमा के बीच नार्थ ब्लाक स्थित सिंह के चैंबर में लगभग एक घंटे तक चर्चा हुई। इस विवाद के रविवार को सुर्खियों में आने के बाद से जेटली की चुप्पी को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था।

Also Read जनसत्ता संपादकीय: विवाद की आंच

यह पूछे जाने पर कि सुषमा ने क्या मोदी की मदद की कार्रवाई करने का फैसला खुद किया, जेटली ने कहा कि विभिन्न विभागों के प्रभारी सभी मंत्री निर्णय करने में सक्षम हैं और सरकार द्वारा लिए जाने वाले सभी निर्णयों की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। पार्टी के कुछ लोगों की ओर से ऐसे संकेत किए जा रहे थे कि सुषमा जिस झमेले में उलझी हैं उसमें संभवत: जेटली का हाथ हो सकता है।

यह पूछे जाने पर कि क्या ललित मोदी के पासपोर्ट को रद्द करने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय अपील करेगा, जेटली ने कहा कि पासपोर्ट का मामला पासपोर्ट प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है। ललित मोदी के खिलाफ ईडी की ओर से कोई ब्लू कार्नर नोटिस जारी किए जाने के बारे में किए गए सवाल पर उन्होंने कहा कि ब्लू के शेड्स को लेकर भ्रम है।

इंटरपोल द्वारा जारी किए जाने वाले ब्लू कार्नर नोटिस की एक प्रक्रिया है। प्रक्रिया के तहत लाइट ब्लू कार्नर नोटिस को राजस्व खुफिया निदेशालय ईडी के आग्रह पर जारी करता है। यह नोटिस 2010 में जारी किया गया था और वह आज भी वैध है।

इस बीच कोलकाता में लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुषमा स्वराज से संबंधित विवाद में बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुषमा को एक केंद्रीय मंत्री की हैसियत से उस व्यक्ति की मदद नहीं करनी चाहिए जो कानूनी परिणामों से बचने के लिए देश से बचकर निकल गया हो।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.