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सर्वे: राजनाथ सिंह मोदी कैबिनेट के सबसे अच्‍छे मंत्री, जानिए बाकियों की रैंकिंग

सर्वे में शामिल आधे लोगों मतलब 50 प्रतिशत ने राजनाथ सिंह के कामकाज को सबसे शानदार बताया। हालांकि चौंकाने वाले नंबर पर दूसरा नाम है।

अरुण जेटली, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज (फोटो सोर्स : Indian Express)

साल 2019 के आते ही आगामी लोकसभा चुनाव की आहत शोर में बदलने लगी है। देश की दो प्रमुख पार्टी सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस तैयारी में लग चुकी हैं। देश की जनता भी चुनाव करने के मूड में आ चुकी है। हालांकि देश का मूड दिखाने वाले सर्वे आते रहे हैं। सबसे बड़े सवाल, देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? पर भी बीते दिनों सर्वे सामने आए। इस बीच एक और सर्वे सामने आया है। इसमें मोदी सरकार के मंत्रियों को लेकर रेटिंग दी गई है। जिसमें मोदी कैबिनेट में गृहमंत्री का अहम पद संभालने वाले राजनाथ सिंह सबसे ऊपर हैं।

सर्वे में शामिल आधे लोगों मतलब 50 प्रतिशत ने राजनाथ सिंह के कामकाज को सबसे शानदार बताया। हालांकि चौंकाने वाले नंबर पर दूसरा नाम है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का बढ़िया कामकाम के मामले पर दूसरे नंबर पर हैं। जबकि वह सरकार के अतिसक्रिय मंत्र मानी जाती हैं। राजनाथ से चार फीसदी कम लोगों ने उनके काम को बेहतरीन बताया। सुषमा स्वराज के कामकाज से 46 फीसदी लोग खुश हैं।

मोदी सरकार में इन दो बड़े चेहरों के बात तीसरे नंबर पर भी चौंकाने वाला नाम है। जो कई फैसलों के कारण विपक्षियों के निशाने पर भी रहे। तीसरे नंबर पर अरुण जेटली का नाम है। हालांकि जेटली और सुषमा स्वराज में एक फीसदी की दूरी है। जेटली के काम से 45 फीसदी लोग खुश हैं। इसके साथ ही चौथे नंबर पर ताबड़तोड़ काम का दावा करने वाले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हैं।

हालांकि गडकरी और जेटली की लोकप्रियता में काफी दूरी है। दोनों के बीच 6 फीसदी का फासला है। गडकरी के काम को 39 फीसदी लोगों ने शानदार बताया। इसके बाद नंबर आता है रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का। इनके साथ 26 फीसदी लोग हैं। वहीं, सुरेश प्रभु से 21 फीसदी लोग खुश हैं। जबकि रेल मंत्री पीयूष गोयल के काम को केलव 19 फीसदी पसंद करते हैं।

बता दें कि, केंद्र के मंत्रियों के काम के आधार पर हाल बताने वालान यह सर्वे इंडिया टुडे-कार्वी इनसाइट्स ने किया है। इस सर्वे में 19 राज्यों के 12166 लोगों से फीड बैक लिया गया। इसमें 97 लोक सभा क्षेत्र और 194 विधान सभा सीटों में आने वाली आबादी के लोग शामिल थे। साथ ही 69 फीसदी ग्रामीण और 31 फीसदी शहरी लोग इस सर्वे का हिस्सा बने।

 

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