ताज़ा खबर
 

Ayodhya Verdict: अयोध्या पर फैसले से नाखुश स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, बोले- तब तो अयोध्या में झगड़े होंगे!

Ayodhya Ram Mandir-Babri Masjid Case Verdict: ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि "देश के मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन के लिए खैरात की जरुरत नहीं। मेरी राय में पांच एकड़ जमीन नहीं लेनी चाहिए। मुस्लिम आवाम इतनी मजबूत है कि वह यूपी में कहीं भी जमीन के लिए पैसा इकट्ठा कर सकती है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 9, 2019 10:16 PM
शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती। (एक्सप्रेस फोटो)

Ayodhya Ram Mandir-Babri Masjid Case Verdict: अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती का बयान सामने आया है। स्वरुपानंद सरस्वती ने फैसले पर नाखुशी जाहिर की है और कहा कि हम इस फैसले से बिल्कुल खुश नहीं हैं। दरअसल शंकराचार्य ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले से असहमति जतायी जिसमें मस्जिद के लिए वैकल्पिक जगह पर 5 एकड़ जमीन देने के निर्देश दिए गए हैं। शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती ने कहा कि ‘इससे झगड़े होंगे।’ बता दें कि एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी भी अपने बयान में फैसले के तहत 5 एकड़ जमीन दिए जाने के फैसले से खुश नहीं हैं।

ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि “देश के मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन के लिए खैरात की जरुरत नहीं। मेरी राय में पांच एकड़ जमीन नहीं लेनी चाहिए। मुस्लिम आवाम इतनी मजबूत है कि वह यूपी में कहीं भी जमीन के लिए पैसा इकट्ठा कर सकती है। ओवैसी ने कहा कि हिंदुस्तान का मुसलमान इतना गया गुजरा नहीं है कि वो 5 एकड़ जमीन नहीं खरीद सकता। हमें खैरात नहीं चाहिए। हम अपने लीगल राइट के लिए लड़ रहे थे। हमें किसी से भीख की जरुरत नहीं है।”

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले पर अपने फैसले में कहा है कि विवादित जमीन रामलला की है। कोर्ट ने इसके साथ ही विवादित जमीन पर राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने केन्द्र और राज्य सरकार को मस्जिद के लिए वैकल्पिक जगह पर 5 एकड़ जमीन देने के भी निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 1946 के फैजाबाद कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर की गई स्पेशल लीव पीटिशन को भी खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के साक्ष्यों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने फैसले को चुनौती देने की बात कही थी। हालांकि शाम होते होते सुन्नी वक्फ बोर्ड ने अपना इरादा बदला दिया और बोर्ड के चेयरमैन जफर फारुकी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार करते हैं और यह साफ करना चाहते हैं कि यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड इस मामले में कोई रिव्यू पिटीशन दाखिल नहीं करेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 राम मंदिर निर्माण के लिए निकाली थी रथ यात्रा, जानी पड़ी थी जेल, सुप्रीम फैसले पर बोले आडवाणी- ‘जीवन धन्य हो गया!’
2 करतारपुर कॉरिडोर: मनमोहन सिंह को देख तेजी से लपके पीएम मोदी, सुरक्षाकर्मियों ने तब पूर्व पीएम को पकड़ कर उठाया, पीएम थामे रहे हाथ
3 Maharashtra Govt Formation: गवर्नर ने दिया बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता, फ्लोर टेस्ट में शिवसेना ने नहीं दिया साथ तो क्या होंगे सियासी विकल्प, जानें