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टीवी डिबेट में कांग्रेसी पर बीजेपी प्रवक्ता का तंज- ‘जो रामद्रोही थे वो आज रामभक्त बन गए, इससे अच्छे दिन और क्या होंगे?’

प्रमोद कृष्णन ने कहा कि 'इतिहास साक्षी है कि जब से मंदिर विवाद चला है, तब से मंदिर के ताले किसने खुलवाए, कांग्रेस की सरकार ने, शिलान्यास किसने कराया, कांग्रेस की सरकार ने, जब बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ, उस वक्त भी केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी।

Author नई दिल्ली | Published on: November 9, 2019 7:52 PM
सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या की विवादित जमीन पर रामलला के पक्ष में फैसला दिया है।

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दे दिया है। फैसले के तहत विवादित भूमि पर राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर विभिन्न टीवी चैनलों पर डिबेट कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सभी पक्षों की राय ली जा रही है। ऐसे ही न्यूज 18 टीवी चैनल पर एक डिबेट कार्यक्रम में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के प्रवक्ता और धर्मगुरु मौजूद रहे। डिबेट के दौरान कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णन ने कहा कि राम मंदिर के मुद्दे पर भाजपा के श्रेय लेने को लेकर निशाना साधा।

प्रमोद कृष्णन ने कहा कि ‘इतिहास साक्षी है कि जब से मंदिर विवाद चला है, तब से मंदिर के ताले किसने खुलवाए, कांग्रेस की सरकार ने, शिलान्यास किसने कराया, कांग्रेस की सरकार ने, जब बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ, उस वक्त भी केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले पांच साल केन्द्र में बीजेपी की सरकार थी, लेकिन इन्होंने राम मंदिर नहीं बनाया। जो काम बीजेपी को करना चाहिए था, वो सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया।’

कांग्रेस नेता की इस बात पर डिबेट में शामिल हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा मुस्कुरा उठे और बोले कि स्वामी जी आज के दिन आवेश में ना आएं। मुझे अच्छा लग रहा है कि जिन लोगों ने राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे, वो आज कह रहे हैं कि हमने कितना कुछ किया, हमने ताला खुलवा दिया। इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता कि जो रामद्रोही थे, वो आज रामभक्त हो गए हैं।

बता दें कि पांच सदस्यों वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने अयोध्या विवाद पर दिए अपने फैसले में विवादित जमीन रामलला की बतायी है। कोर्ट ने ट्रस्ट बनाकर सरकार की ओर से मंदिर निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन वैकल्पिक जगह पर देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सभी पक्षों ने स्वागत किया है।

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