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JNU विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कन्‍हैया को नहीं दी बेल, पटना में समर्थकों ने रोकी ट्रेन

कन्‍हैया ने तिहाड़ जेल में जान का खतरा बताते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उनकी दलील नहीं मानी और निचली अदालत जाने का कहा।

Author नई दिल्‍ली | February 19, 2016 6:40 PM
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे चेलामेश्‍वर और जस्टिस अभय एम सापड़े की बेंच ने शुक्रवार को कन्‍हैया कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई की।

जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी के आरोप में गिरफ्तार स्टूडेंट यूनियन अध्‍यक्ष कन्हैया कुमार की जमानत याचिका शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। कन्‍हैया ने तिहाड़ जेल में जान का खतरा बताते हुए याचिका दाखिल की थी, लेकिन अदालत ने उनकी दलील नहीं मानी और निचली अदालत जाने का कहा। कन्‍हैया कुमार को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उनकी तरफ से पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे, लेकिन वह भी कन्‍हैया को जामनत नहीं दिला सके। दूसरी ओर बिहार के वामपंथी कार्यकर्ता कन्‍हैया के समर्थन में शुक्रवार सुबह पटना की सड़कों पर उतरे और कई ट्रेनों को रोका। इस बीच रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने देश विरोधी नारेबाजी को गलत बताते हुए कहा कि ऐसा करने वालों में संस्‍कार नहीं हैं।

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जेएनयू में 9 फरवरी को वामपंथी ग्रुप ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के को-फाउंडर मकबूल भट्ट की याद में प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था। इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था। जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के सामने शाम 5 बजे उसी प्रोग्राम में कुछ लोगों ने देश विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद लेफ्ट और एबीवीपी स्टूडेंट्स के बीच झड़प हुई। 10 फरवरी को नारेबाजी का वीडियो सामने आया। दिल्ली पुलिस ने 12 फरवरी को नारेबाजी के आरोप में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया। जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट कन्हैया कुमार को अरेस्ट कर लिया। जबकि खालिद अभी फरार है।

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