Twisha Sharma Case: सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस-मॉडल त्विषा शर्मा मौत मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। मुख्य न्यायाधीश कांत के अलावा, पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली भी शामिल होंगे।
इस मामले को ‘एक युवती की उसके ससुराल में हुई अप्राकृतिक मौत में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक विसंगतियों’ शीर्षक के तहत सूचीबद्ध किया गया है। त्विषा शर्मा के परिवार ने जांच में प्रक्रियागत खामियों और संस्थागत पक्षपात का आरोप लगाते हुए मामले से जुड़े सबूतों और फोन रिकॉर्ड की गहन जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लेना यह दर्शाता है कि आरोपों की गंभीरता और जांच से संबंधित चिंताओं के कारण न्यायालय ने स्वतंत्र रूप से मामले की जांच करने का निर्णय लिया है।
क्या है त्विषा शर्मा मौत मामला?
नोएडा की रहने वाली त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गईं। उनकी शादी वकील समर्थ सिंह से कुछ महीने पहले हुई थी। परिवार ने आरोप लगाया कि त्विषा दहेज उत्पीड़न का शिकार हुई थीं और उनकी मृत्यु के कारणों पर सवाल उठाए। घटना के तुरंत बाद त्विषा के परिवार द्वारा उसकी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा न्यायिक अधिकारियों और सीसीटीवी टैक्नीशियनों को किए गए कथित फोन कॉल की जांच की मांग के बाद यह मामला व्यापक रूप से चर्चा में आया। परिवार ने मामले से जुड़े डिजिटल एविडेंस और फोन रिकॉर्ड की जांच की भी मांग की।
परिवार की तरफ से दायर याचिकाओं के बाद, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पहले पोस्टमार्टम के निष्कर्षों पर आपत्तियां उठाए जाने के बाद एम्स दिल्ली की एक एक्सपर्ट मेडिकल टीम द्वारा दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। इसी बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। त्विषा की मौत के बाद लापता हुए समर्थ सिंह को बाद में भोपाल की एक अदालत में पेशी के बाद हिरासत में लिया गया। स्थानीय अदालत ने उसे पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने गिरिबाला सिंह को तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया है क्योंकि उन पर पूछताछ के लिए पेश न होने का आरोप है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी उन्हें नोटिस जारी कर भोपाल अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 25 मई तक जवाब मांगा है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…
