देश की 135 साल पुरानी लाइब्रेरी को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना में जगह नहीं मिलने के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने स्वत: संज्ञान लिया है और सोमवार को इस मामले में अहम सुनवाई होगी।
अभी तक यह लाइब्रेरी शास्त्री भवन में चल रही है, लेकिन सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत अब शास्त्री भवन को हटाया जाना है। न्यू सेंट्रल विस्टा प्लान के तहत जिन भवनों को हटाया जाएगा उनके लिए नई जगह अलॉट हो गई हैं, लेकिन लाइब्रेरी के लिए कोई जगह अलॉट नहीं हुई है। ऐसे में पुस्तक प्रेमियों की चिंता बढ़ गई है और इस लाइब्रेरी पर संकट मंडरा रहा है।
कौन सी बेंच करेगी सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को इस मामले में अहम सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि सोमवार को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के मामले पर सोमवार को सुनवाई करेगा। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने 5 अक्टूबर को सुनवाई की तारीख तय की है।
8.5 लाख से अधिक किताबों का कलेक्शन इस लाइब्रेरी में
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (MoHUA) और सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) अभी भी नए सेंट्रल विस्टा प्लान के बीच लाइब्रेरी को किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए जगह ढूंढ रहे हैं। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या फैसला लेती है? लाइब्रेरी मे 8.5 लाख से अधिक किताबों का कलेक्शन मौजूद है और यह देश की सबसे पुरानी लाइब्रेरी है।
इस लाइब्रेरी को शिफ्ट करने का इतिहास पुराना
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी की शुरुआत 1891 में हुई थी। पहले इसे इंपीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के नाम से जाना जाता था। साल 1911 में जब किंग जॉर्ज ने ब्रिटिश भारत की राजधानी को कलकत्ता से दिल्ली शिफ्ट किया था तो इस लाइब्रेरी को भी दिल्ली शिफ्ट किया गया था। शुरुआत में इसे सिविल लाइंस स्थित ओल्ड सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग में जगह मिली। बाद में रायसीना हिल के आसपास सत्ता के नए केंद्र के विकसित होने के साथ लाइब्रेरी को नॉर्थ ब्लॉक और फिर शास्त्री भवन में स्थानांतरित किया गया। CSL वर्ष 1969 से शास्त्री भवन में संचालित हो रही है।
5500 वर्ग मीटर एरिया में फैली है यह लाइब्रेरी
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी चार मंजिला इमारत की है और यह लगभग 5500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इस लाइब्रेरी में 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और दस्तावेज मौजूद हैं। लाइब्रेरी का इस्तेमाल सरकारी अधिकारियों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी करते हैं।
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