ताज़ा खबर
 

बलात्कार मामलों में नहीं हो सकता किसी तरह का समझौता: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने सख्त संदेश देते हुये आज कहा कि बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के मामलों में किसी भी प्रकार का उदार दृष्टिकोण अपनाना या मध्यस्थता का विचार आना...

Author Updated: July 2, 2015 8:43 AM

सुप्रीम कोर्ट ने सख्त संदेश देते हए बुधवार को कहा कि बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के मामलों में किसी भी तरह का उदार दृष्टिकोण अपनाना या मध्यस्थता का विचार आना बहुत बड़ी चूक होगी। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जब मानव शरीर मलिन किया जाता है तो उसकी बेशकीमती अस्मिता नष्ट हो जाती है। महिला की गरिमा उसका कभी नष्ट नहीं होने वाला आभूषण है और किसी को भी उसे दूषित करने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। ऐसे मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता क्योंकि यह महिला के सम्मान के खिलाफ है जो उसके लिए सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है।

पेश मामले में जजों ने कहा कि वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के मामले में किसी भी स्थिति में समझौते की अवधारणा के बारे में सोचा ही नहीं जा सकता। यह एक महिला के शरीर के प्रति अपराध है जो उसका अपना मंदिर है। ये ऐसे अपराध हैं जो पूरी जिंदगी उसे कचोटते हैं और उसकी प्रतिष्ठा पर धब्बा लगाते हैं। अदालत ने कहा कि प्रतिष्ठा ही ऐसा बेशकीमती आभूषण है जिसके बारे में जीवन में कल्पना की जा सकती है और किसी को भी इसे मिटाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अदालत ने सात साल की पीड़ित के माता-पिता और आरोपी मदन लाल के बीच समझौते से प्रभावित होने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की आलोचना की। हाई कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को दोषसिद्धि और उसकी पांच साल की कैद की सजा को निरस्त कर दिया था। राज्य सरकार ने दोषी को बलात्कार के अपराध के बजाए नाबालिग का शील भंग करने के अपराध में दोषी ठहराने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। इस अपराध के लिए आरोपी की सजा को एक साल से कुछ अधिक तक सीमित कर दिया गया था। अपराधी पहले ही यह अवधि जेल में बिता चुका था।

शीर्ष अदालत ने इस मामले के साक्ष्यों पर फिर से गौर करके फैसला लेने के लिए मामला वापस हाई कोर्ट भेज दिया और आदेश दिया कि आरोपी को तत्काल हिरासत में लिया जाए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories