यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार से जवाब देने को भी कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना है कि ये प्रावधान पहली नजर में अस्पष्ट हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका भी है।इसी वजह से अदालत ने केंद्र सरकार से नियमों को दोबारा तैयार करने को कहा है। जब तक केंद्र कोई स्पष्ट जवाब नहीं देता, इन नियमों के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने जोर देकर बोला है कि इन नियमों में संशोधन की जरूरत है, इस समय कुछ भी स्पष्ट नहीं हो रहा है और कोई भी इन नियमों का दुरुपयोग कर सकता है। सीजेआई सूर्यकांत ने आगे कहा कि इन नियमों को लेकर 4–5 गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अगर इनका समाधान नहीं किया गया तो इसके बहुत व्यापक और दूरगामी परिणाम होंगे, जो बेहद खतरनाक प्रभाव डाल सकते हैं।
सीजेआई सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान एक कमेटी बनाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने बोला कि हम इस मुद्दे पर सरकार की राय समझना चाहेंगे। आज हम कोई आदेश पारित नहीं करना चाहते। हमारी राय है कि एक समिति गठित होना चाहिए जिसमें प्रतिष्ठित विधिवेत्ता शामिल हों। दो-तीन ऐसे लोग होने चाहिए जो सामाजिक मूल्यों और समाज को प्रभावित करने वाली समस्याओं को समझते हों। अब इस बात पर भी विचार करने की जरूरत है कि यसमाज का समग्र विकास कैसे होगा और अगर इस तरह की व्यवस्था बनाई जाती है तो कैंपस के बाहर लोगों का कैसा रिएक्शन रहने वाला है। इन सभी पहलुओं पर समिति को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होनी है, तब तक केंद्र सरकार को ना सिर्फ अपना जवाब दाखिल करना है बल्कि इन नियमों पर भी दोबारा विचार करना है।
यूजीसी क्या है?
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी UGC भारत सरकार की एक वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना 1956 में हुई थी।
UGC के मुख्य कार्य:
विश्वविद्यालयों को मान्यता देना
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना
कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए नियम बनाना
रिसर्च और स्कॉलरशिप को बढ़ावा देना
शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना
यूजीसी का उद्देश्य है कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली पारदर्शी, न्यायपूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बने।
UGC Regulations 2026 क्या हैं?
यूजीसी के नए नियमों का मुख्य लक्ष्य है:
उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति, रिलीजन और जेंडर इत्यादि आधारित सामाजिक भेदभाव को रोकना।
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