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सांसद नवनीत कौर राणा को ‘जाति’ के मामले में राहत, सुप्रीम कोर्ट ने HC के फैसले पर लगाई रोक

पिछले दिनों 8 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राणा ने अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए 'मोची' जाति से संबंधित होने का दावा किया जबकि वह उस जाति से संबंध नहीं रखती है।

सुप्रीम कोर्ट की अवकाशकालीन पीठ ने नवनीत कौर राणा की अपील पर सुनवाई करते हुए आठ जून को बॉम्बे हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले पर रोक लगा दिया। (एक्सप्रेस फोटो: रेणुका पुरी)

सुप्रीम कोर्ट ने अमरावती से निर्दलीय सांसद व अभिनेत्री नवनीत कौर को जाति के मामले में बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बंबई हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें कोर्ट ने सांसद नवनीत कौर राणा के जाति प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया था। नवनीत राणा महाराष्ट्र में अमरावती की सुरक्षित संसदीय सीट से निर्दलीय सांसद हैं। 

न्यायमूर्ति विनीत शरण और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की अवकाशकालीन पीठ ने नवनीत कौर राणा की अपील पर सुनवाई करते हुए आठ जून को बॉम्बे हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए फैसले पर रोक लगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने सांसद के जाति प्रमाण पत्र के खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति समेत कई लोगों को नोटिस जारी किया है और चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख 25 जून को तय की है। 

पिछले दिनों 8 जून को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राणा ने अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए ‘मोची’ जाति से संबंधित होने का दावा किया जबकि वह उस जाति से संबंध नहीं रखती है। कोर्ट ने अपने निर्णय में यह भी कहा था कि सांसद नवनीत कौर राणा ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से जाति प्रमाण पत्र हासिल किया ताकि अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित सीट पर संसद सदस्य का चुनाव लड़ा जा सके।

 

जिसके बाद हाईकोर्ट ने सांसद नवनीत कौर राणा के जाति प्रमाण पत्र को रद्द करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को नवनीत राणा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। शिवसेना के पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल की याचिका पर ही हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण पत्र रद्द करने का फैसला दिया था। शिवसेना के पूर्व सांसद ने याचिका में दावा किया था कि नवनीत राणा मूल रूप से पंजाब की हैं और वह लबाना जाति से आती हैं जो महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति की श्रेणी में नहीं आता है। इसके बावजूद नवनीत राणा ने फर्जी कागजात के सहारे जाति प्रमाण पत्र बन लिया था।

 

कौन हैं नवनीत राणा: अमरावती सीट से लोकसभा सांसद नवनीत कौर राणा ने साल 2011 में विधायक रवि राणा से शादी की थी। शादी से पहले नवनीत राणा पंजाबी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम किया करती थीं। शादी के बाद नवनीत राणा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में एनसीपी के टिकट से चुनाव लड़ा लेकिन जीत नहीं पाईं। बाद में 2019 के लोकसभा चुनाव में नवनीत कौर राणा ने अमरावती की सीट से निर्दलीय लड़कर जीत हासिल की। नवनीत राणा ने शिवसेना के पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल को हराकर जीत हासिल की थी।

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