ताज़ा खबर
 

मोदी सरकार के सोशल मीडिया हब पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा-लोगों के वॉट्सऐप मैसेज देखना चाहती है सरकार

सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार द्वारा सोशल मीडिया हब स्थापित करने के फैसले पर सख्त आपत्ति जताई है। कहा कि सरकार आम लोगों के वाट्सअप मैसेज देखना चाहती है।

सुप्रीम कोर्ट। (express photo)

सुप्रीम कोर्ट ने आज ऑनलाइन डेटा की निगरानी के लिए सोशल मीडिया हब स्थापित करने के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के फैसले कड़ा संज्ञान लिया है। कहा कि यह पूरी तरह “निगरानी राज्य बनाने की तरह” होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार नागरिकों के व्हाट्सएप संदेशों को टैप करना चाहती है। लोगों के वाट्सअप मैसेज देखना चाहती है। साथ ही कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार से प्रतिक्रिया मांगी है

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस ए एम खानविलकर और डी वाई चन्द्रचुद की एक खंडपीठ ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक महुआ मोइत्र की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। इस पूरे प्रकरण में अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल की सहायता मांगी है। खंडपीठ ने कहा कि सरकार नागरिकों के व्हाट्सएप संदेशों को टैप करना चाहती है। यह एक निगरानी राज्य बनाने की तरह होगा। मोइत्र के मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील ए एम सिंघवी ने कहा कि सरकार ने सोशल मीडिया हब स्थापित करने के प्रस्ताव के लिए अनुरोध जारी कर दिया है और इसके लिए टेंडर 20 अगस्त को खोल दिया जाएगा। सिंघवी ने कहा कि केंद्र सरकार सोशल मीडिया हब की मदद से सोशल मीडिया सामग्री की निगरानी करना चाहती है। इसके जवाब में खंडपीठ ने कहा कि 3 अगस्त को इस मामले की सुनवाई होगी। 20 अगस्त को टेंडर जारी करने से पहले एजी या सरकार के किसी भी कानून अधिकारी को इस पूरे मामले पर कोर्ट को सहायता करनी होगी।

 

इससे पहले, 18 जून को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा ‘सोशल मीडिया कम्युनिकेशन हब’ स्थापित करने के कदम उठाने की मांग में याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इंकार कर दिया था। मोइत्र के वकील ने कहा कि सरकार ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम और उनके ई-मेल जैसे सोशल मीडिया खातों को ट्रैक करके व्यक्तियों की सोशल मीडिया सामग्री की निगरानी करने की कोशिश कर रही है। बता दें कि हाल ही में मंत्रालय के अधीन क सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड ने परियोजना के लिए एक सॉफ्टवेयर की आपूर्ति के लिए निविदा जारी की थी। यह हब डिजिटल और सोशल मीडिया सामग्री को एकत्र कर विश्लेषण करेगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App