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पुलिस अधिकारियों को मनमाने तरीके से नहीं हटा सकेंगे राजनेता: सुप्रीम कोर्ट

मदन बी लाकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने ये फैसला सेनकुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनाया था।

केरल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टीपी सेन कुमार (File Photo)

राजनेता अब मनमाने तरीके से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला या फिर उन्हें पद से नहीं हटा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (24 अप्रैल) को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि एक सीनियर ऑफिसर जिसे निश्चित कार्यकाल दिया गया है, उसे किसी राजनेता की मर्जी के चलते हटाया या फिर बीच में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रशासन में राजनीतिक हस्तक्षेप से आम लोगों का भरोसा उठ जाएगा। जस्टिस मदन बी. लाकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि सरकार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तभी कार्रवाई कर सकती है, जब उसके पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत हो।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, बेंच ने कहा, ”हम इस बात को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं कर सकते कि किसी भी कानून-व्यवस्था या सार्वजनिक व्यवस्था की स्थिति में जवाबदेही सबसे पहले एक पुलिसकर्मी की होती है न कि किसी प्रशासनिक अधिकारी की।” कोर्ट ने कहा, ”अगर सबसे पहले जवाब देने वाले को अपने अधिकार से समझौता करना पड़ता है तो आम नागरिक मदद के लिए किसके पास जाएगा। ऐसा करने से कानून कमजोर होगा। हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते।”

राजनीतिक हस्तक्षेप पर टिप्पणी करते हुए बेंच ने कहा कि पुलिस पर नेताओं का अत्याधिक कंट्रोल होने से कानूनी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। बेंच ने राज्य सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुतिंगल त्रासदी और जिशा हत्या मामले में पुलिस प्रशासन अपना कर्तव्य निभाने में फेल रही है। इस वजह से आम लोगों का पुलिस से भरोसा उठ गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को सोमवार को राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) टीपी सेन कुमार को फिर से बहाल करने का आदेश दिया था। ये फैसला मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के लिए बड़ा झटके के रूप में देखा जा रहा है।

मदन बी लाकुर और दीपक गुप्ता की बेंच ने ये फैसला सेनकुमार द्वारा दायर याचिका पर सुनाया था। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सेनकुमार का तबादला मनमाने ढंग से और बिना कानून का पालन किए किया गया। इसका मतलब यह है कि सरकार को अब मौजूदा डीजीपी लोकनाथ बेहरा को हटाना पड़ेगा।

गौरतलब है कि पिछले साल 10 अप्रैल को सेनकुमार के डीजीपी पद पर कार्यरत होने के दौरान कोल्लम जिले में पुतिंगल मंदिर में एक बड़ा हादसा हुआ था। मंदिर में पटाखों के प्रदर्शन के दौरान विस्फोट से आगने के कारण 110 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में 300 लोग घायल हो गए थे।

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