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SC ने कहा- दुल्हन से बात न करना नहीं है क्रूरता, महिला ने पति-ससुरालावलों पर लगाया था आरोप

महिला का पति ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करता था और कुछ समय बाद वह वापस वहीं चला गया।

Author नई दिल्ली | September 8, 2017 10:24 AM
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

एक केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि अगर शादी के बाद परिवार में कोई व्यक्ति चाहे पति ही क्यों न हो वह दुल्हन से बात नहीं करते हैं तो वह क्रूरता नहीं है। धारा 498ए के तहत महिला ने पुलिस में शिकायत की थी कि शादी के बाद वह अपने पति के साथ बीस दिन तक रही। इस बीच उसे अकेला छोड़ दिया गया और घर में किसी ने भी उससे बात नहीं की। यह मामला हैदराबाद के साइबराबाद का है। महिला ने अपने पति पर आरोप लगाया कि उसने अपने पति से कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन उसने उससे बातचीत करना जरुरी नहीं समझा।

महिला ने शिकायत में कहा था कि उसका पति हमेशा उसे टालने की कोशिश करता और उसने शादी को आगे बढ़ाने से भी इंकार कर दिया था। महिला का पति ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करता था और कुछ समय बाद वह वापस वहीं चला गया। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार इसके बाद महिला के ससुराल में भी किसी ने उससे बातचीत नहीं की और उसे अपने मां-पिता के घर वापस जाने के लिए मजबूर किया गया। महिला ने दावा किया कि उसके परिवार ने उसकी शादी में 15 लाख रुपए खर्च किए थे और करीब 20 लाख रुपए के गहने दिए थे। साइबराबाद पुलिस ने इस मामले में महिला के पति और उसके ससुरालवालों पर केस दर्ज किया था।

वहीं इसके विरुध महिला के पति ने हैदराबाद हाई कोर्ट में याचिका डाली थी जिसे कोर्ट ने रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई जिसकी सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा और मोहन एम शांतनागौडर ने महिली की शिकायत पर कहा कि उसकी कहानी से सेक्शन 498ए के अंतर्गत आने वाला अपराध साबित नहीं होता है और सेक्शन 406 से भी यह साबित नहीं होता है कि उसके साथ विश्वासघाट किया गया है क्योंकि ससुरालवालों की तरफ से दहेज की मांग भी नहीं की गई है।

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