अधिकारियों को जेल में डालने से नहीं मिलेगी दिल्ली को ऑक्सीजन, बोला सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को मंगलवार को अवमानना का नोटिस भेजा था। केंद्र सरकार हाईकोर्ट के नोटिस को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई।

Supreme court, High court, Oxygen crisisऑक्सीजन मामले में हाई कोर्ट से मिले अवमानना नोटिस के खिलाफ केंद्र सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। वहां बुधवार को जस्टिस चंद्रचूड ने मामले की सुनवाई की। (फोटो- ट्वीटर हैंडल)

कोरोना महामारी से लगातार लोगों की जान जाने पर सख्त रुख अपनाते हुए देश की शीर्ष अदालत ने सरकार से पूछा कि वह क्या कर रही है। इससे पहले कोविड मरीज़ों के लिए दिल्ली के अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीज़न की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करने के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को मंगलवार को अवमानना का नोटिस भेजा था। केंद्र सरकार हाईकोर्ट के नोटिस को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई। इसकी सुनवाई जस्टिस डी चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने की।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने एसजी तुषार मेहता से पूछा कि ठोस व्यवस्था होनी चाहिए और इसके लिए क्या किया जा रहा है? जस्टिस चंद्रचूड़ ने ये भी कहा कि अधिकारियों को जेल में बंद करने और अवमानना लगाने से ऑक्सीजन नहीं आएगी लेकिन हमें बताया जाए कि इसके लिए क्या किया जा रहा है? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब हम कोविड महामारी में पूरी कोशिश कर रहे हैं तो दिल्ली हाई कोर्ट ने हमारे ख़िलाफ़ अवमानना का नोटिस दे दिया।

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न आपके खिलाफ अदालत की अवमानना का मुक़दमा शुरू कर दिया जाए। हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार को दो मई को दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की समस्या को दूर करने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने केंद्र को कहा था कि आप रेत में शुतुरमुर्ग की तरह गर्दन छुपा सकते हैं लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे।

केंद्र सरकार की तरफ़ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की प्रक्रिया चल रही है और कल 585 मिट्रिक टन आपूर्ति पहुंच भी गई थी। जस्टिस शाह ने भी कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है कि ऑक्सीजन के बिना लोगों की जान गई है और यह आपातकालीन स्थिति नहीं है, लेकिन इसके लिए योजना क्या है?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, “शुरुआत में 5000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध थी, इसमें औद्योगिक ऑक्सीजन भी शामिल थी। पहले मेडिकल ऑक्सीजन की बहुत मांग नहीं थी, हमने औद्योगिक ऑक्सीजन के इस्तेमाल को रोका और इसमें कई लोगों को मदद भी मिली, लेकिन अब सवाल राज्यों में ऑक्सीजन के वितरण को लेकर है।”

जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि दिल्ली में 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए आज से लेकर सोमवार तक क्या व्यवस्था की जाएगी यह अदालत को बताया जाए।

Next Stories
1 RT-PCR टेस्ट की जरूरत नहीं अगर…ICMR ने जारी कीं नई टेस्टिंग गाइडलाइंस
2 बंगालः 10 लोग मर गए और आप भाषण देने आए हैं? बोलीं एंकर, संबित पात्रा ने कहा- पाकिस्तान विभाजन जैसा माहौल
3 पीएम मोदी और बोरिस जॉनसन के बीच हुई वर्चुअल समिट, बैठक में रोडमैप-2030 को मिली मंजूरी
यह पढ़ा क्या?
X