ताज़ा खबर
 

कोर्टरूम में जजों के साथ AG की गर्मागरम बहस- ये दुनिया का पहला कोर्ट है, जहां रक्षा सौदों पर उंगली उठ रही

भूषण ने कहा कि सरकार को यह पहले से कैसे मालूम था कि कैग अपनी रिपोर्ट में राफेल सौदे की कीमतों के बारे में जानकारी को सार्वजनिक नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस सौदे से भ्रष्टाचार विरोधी धाराएं हटा दीं।

सुप्रीम कोर्ट का चुनाव आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (10 मई 2019) को राफेल मामले पर 14 दिसंबर 2018 के अपने फैसले के खिलाफ दायर रिव्यू पिटिशन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि फ्रांस की दसॉल्ट एविएशन से भारत सरकार की 36 राफेल लड़ाकू विमान की डील में कोई अनियमितता नहीं है।

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी ने इस मामले में रिव्यू पिटिशन दाखिल की थी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस कौल और जस्टिस जोसेफ की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। इस दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार ने गलत और आधी-अधूरी जानकारियां कोर्ट के समक्ष रखी और इसी के आधार पर ही फैसला सुनाया गया।

भूषण ने कहा कि सरकार को यह पहले से कैसे मालूम था कि कैग अपनी रिपोर्ट में राफेल सौदे की कीमतों के बारे में जानकारी को सार्वजनिक नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने इस सौदे से भ्रष्टाचार विरोधी धाराएं हटा दीं। इस तरह की कई महत्वपूर्ण जानकारियों को इस कोर्ट से छिपाया गया और सरकार द्वारा किए गए फ्रॉड के आधार पर फैसला सुना दिया गया।

वहीं सुनवाई के दौरान जब जस्टिस जोसेफ ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पूछा कि आपको याचिकाकर्ता द्वारा रिव्यू पिटिशन के साथ पेश किए गए दस्तावेजों से क्या समस्या है? तो इस पर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि वह ये दुनिया का पहला कोर्ट है, जहां रक्षा सौदों पर उंगली उठ रही। वह अधूरे दस्तावेजों के आधार पर आरोप नहीं लगा सकते। इस रिव्यू पिटिशन में कुछ भी नया नहीं है। इसमें केवल चोरी किए गए कागजातों को जोड़ा गया है। वेणुगोपाल ने कहा कि अगर किसी ने कागज ही चोरी नहीं किए, तो फोटोस्‍टेट कहां से लाया गया।

वहीं इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह की रिव्यू पिटिशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट इस मामले में उनके द्वारा की गई एक टिप्पणी से नाराज था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App