PM CARES FUND की CAG ऑडिट की मांग ख़ारिज, जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या बताई वजह

एनडीआरएफ में फंड ट्रांसफर पर कोर्ट ने कहा है कि ये दोंनों अलग-अलग कोष हैं और अलग-अलग उद्देश्यों के लिए गठित किए गए हैं, इसलिए इस दिशा में कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

PM cares fund
सुप्रीम कोर्ट की तस्वीर।

सुप्रीम कोर्ट ने पीएम केअर्स फंड को राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (एनडीआरएफ) में स्थानांतरित करने और उसकी भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग खारिज कर दी है। एनडीआरएफ में फंड ट्रांसफर पर कोर्ट ने कहा है कि ये दोंनों अलग-अलग कोष हैं और अलग-अलग उद्देश्यों के लिए गठित किए गए हैं, इसलिए इस दिशा में कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता।

पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट होने की वजह से उसकी सीएजी से ऑडिट कराने की मांग पर भी कोर्ट ने कहा कि इस दिशा में भी उसे कोई आदेश पारित करने की जरूरत महसूस नहीं हो रही। इसके साथ ही कोर्ट ने सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) नाम के एक गैर सरकारी संगठन की रिट याचिका खारिज कर दी।

जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एम आर शाह की खंडपीठ ने कहा, “PM CARES फंड में एकत्रित फंड पूरी तरह से अलग फंड हैं जो एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के फंड हैं और उक्त फंड को NDRF को हस्तांतरित करने के लिए कोई निर्देश जारी करने का कोई अवसर नहीं दिखता है… PM CARES फंड में एकत्रित किए गए अब तक के सभी फंडों को NDRF में हस्तांतरित किए जाने का निर्देश देने की याचिकाकर्ता की मांग को खारिज किया जाता है।”

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तीन जजों की खंडपीठ ने कहा, “पीएम केअर्स फंड में संस्थानों या व्यक्तिगत तौर पर इकट्ठा किए गए दान को ट्रस्ट के उद्देश्यों के मुताबिक ही जनहित में खर्च किया जाना चाहिए। पीएम केअर्स फंड की स्थापना इसी वर्ष 27 मार्च 2020 को नई दिल्ली में एक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 के तहत हुई है। ट्रस्ट को  कोई बजटीय सहायता या कोई सरकारी धन प्राप्त नहीं होता है। यह याचिकाकर्ता के लिए पीएम CARES फंड बनाने वाले ट्रस्टियों की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाने के लिए नहीं है, आपातकाल यानी महामारी COVID-19 के मद्देनजर सार्वजनिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ाने के उद्देश्य से इसे गठित किया गया है।”

खंडपीठ ने कहा, “भारत के साथ-साथ दुनिया के अन्य देशों में COVID -19 के प्रकोप से बचने के लिए  चिकित्सा स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के निर्माण में तत्काल वृद्धि की आवश्यकता है। जरूरत की ऐसी घड़ी में किसी सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के गठन के लिए कोई अपवाद नहीं लिया जा सकता है। अर्थात्, PM CARES फंड, एक आवश्यक वित्तीय संसाधन हैं जो मौजूदा संकट की जरूरतों को पूरा करने के लिए गठित किया गया है।”

इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को भी खारिज कर दिया जिसमें कोविड-19 की स्थिति से निबटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत एक राष्ट्रीय योजना बनाने की बात कही गई थी।

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