केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को लोकसभा में ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या से संबंधित प्रावधानों में संशोधन करना है। कानून मंत्री ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने की अनुमति का प्रस्ताव रखा।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में आखिरी बार 2019 में बढ़ोतरी की गई थी। तब प्रधान न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर अन्य न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी। अब प्रस्तावित संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी।

हालांकि, विधेयक ऐसे समय पेश किया गया जब विपक्षी सांसद नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर नारेबाजी कर रहे थे। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दी गई।

बाधित रही राज्यसभा की कार्यवाही

वहीं राज्यसभा में भी कार्यवाही बाधित रही। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कथित नीट पेपर लीक और छात्रों के जारी विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। खड़गे ने कहा, ”आपने मुझे पेपर लीक और नीट परीक्षा घोटाले पर अपनी बात रखने की अनुमति दी है। यह लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। इस मुद्दे को लेकर हजारों छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए हैं। वहां लाठीचार्ज हुआ है। सरकार बल प्रयोग कर रही है, आवाजों को दबाने और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश कर रही है।”

इसके बाद राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।

सरकार सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के अलावा राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पेश करेगी। इस विधेयक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है।

वहीं विपक्ष ने संकेत दिया है कि वह मानसून सत्र के दौरान नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगा।

लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, कार्यवाही 12.30 बजे तक स्थगित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि साथ मिलकर काम करना समय की मांग है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मानसून सत्र लाभकारी होगा। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि संसद का मानसून सत्र और देश में मानसून दोनों ही उत्पादक साबित होंगे। उन्होंने सभी सांसदों से सदन की कार्यवाही में पूरे उत्साह से भाग लेने की अपील की।