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कभी कादर खान के सामने बने थे इंस्पेक्टर, फिर बने जज, जानिए SC के जस्टिस नागेश्वर राव की कहानी

जस्टिस राव ने सुप्रीम कोर्ट में अपने 6 साल के कार्यकाल को एक अच्छा समय करार दिया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है वकील होना जज होने से बेहतर है। मौका मिलने पर मैं हमेशा के लिए वकील बनना पसंद करूंगा।

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विदाई समारोह में चीफ जस्टिस एन वी रमना के साथ नागेश्वर जस्टिस राव (Photo Source- Twitter/@barandbench)

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों में से एक जस्टिस एल नागेश्वर राव 7 जून 2022 को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले शुक्रवार (20 माई) को उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में विदाई दी गई। इस मौके पर बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय ने खुलासा किया कि जज बनने से पहले नागेश्वर राव ने फिल्मों में भी काम किया है।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एल नागेश्वर राव के आखिरी कार्य दिवस पर बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप राय ने खुलासा किया की नागेश्वर राव क्रिकेट के साथ-साथ सिनेमा में भी अपना हुनर दिखा चुके हैं।

प्रदीप राय ने कहा, “जस्टिस राव का व्यक्तित्व बहुआयामी है। एक अच्छे क्रिकेटर होने के अलावा उन्होंने एक पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में कई फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने धारावाहिकों में भी काम किया था। उन्होंने “कानून अपना अपना” फिल्म में एक्टिंग की जिसमें उन्होंने कादर खान और संजय दत्त के साथ अभिनय किया।”

चीफ जस्टिस ने की प्रशंसा: इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना ने जस्टिस राव के कई ऐतिहासिक फैसलों के लिए उनकी प्रशंसा की। सीजेआई ने कहा, “एक जज के रूप में जस्टिस राव ने कानून की व्याख्या करने और कई उल्लेखनीय मुद्दों पर संविधान की व्याख्या करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” चीफ जस्टिस ने कहा कि वह पहली पीढ़ी के वकील हैं। उनका कोई गॉडफादर नहीं था। मैं उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं देता हूं। यह एक भावनात्मक दिन है। हमने एक साथ करियर शुरू किया और कुछ समय बाद मैं भी रिटायर होने जा रहा हूं। मेरे लिए यह एक मजबूत समर्थन रहा है।

बचपन से क्रिकेट का शौक: वहीं, अपने विदाई समारोह में जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा, “मुझे बचपन से ही क्रिकेट का शौक रहा है। आईपीएल के मैच के दौरान अगर मैं काम करता रहता हूं, तब भी टीवी खुली रहती है। जस्टिस राव ने कहा कि मुझे एक्टिव रहना पसंद है और खेल ने मुझे जीवन में बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा कि मैंने खेल से सीखा है कि हारने पर दुखी ना हों और कुछ खोना सफलता की सीढ़ी है। जस्टिस नागेश्वर राव ने बताया कि मैं जवानी के दिनों में थिएटर किया करता था।

जस्टिस राव का सफर: गौरतलब है कि जस्टिस राव ने आंध्र प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेली थी। वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट हुए जस्टिस राव जस्टिस राव सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में 7वें ऐसे जज हैं, जिन्हें सीधे बार से प्रमोट किया गया। जस्टिस नागेश्वर राव आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने 13 मई, 2016 को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। इससे पहले वह सीनियर एडवोकेट के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे थे। वह अगस्त 2003 से मई 2004 तक और फिर 26 अगस्त 2013 से 18 दिसंबर 2014 तक भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भी रह चुके हैं।

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