ताज़ा खबर
 

चीफ जस्टिस ने पलट दिया था जस्टिस चेलामेश्वर का फैसला, मेडिकल घोटाले पर सुनवाई में हुआ था टकराव

Supreme Court Judge Letter, SC Judges Press Conference : चार जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई में उच्चतम न्यायालय के 4 जजों ने बुधवार को ऐतिहासिक कदम उठाया। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई में उच्चतम न्यायालय के 4 जजों ने शुक्रवार को ऐतिहासिक कदम उठाया। इन जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चीफ जस्टिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों पर मतभेदों को लेकर चीफ जस्टिस को जानकारी दी गई, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। हालांकि, कानूनी मामलों पर नजर रखने वाले लोग मानते हैं कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस चेलामेश्वर का टकराव नया नहीं है। ताजा मामला पिछले साल नवंबर का है। चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच ने जस्टिस चेलामेश्वर की अगुआई वाली दो सदस्यीय बेंच के फैसले को पलट दिया था। चेलामेश्वर की बेंच ने आदेश दिया था कि भ्रष्टाचार के मामले में घिरे ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज के खिलाफ एसआईटी जांच की याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी बेंच बने। दो सदस्यों की बेंच के इस फैसले को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच सदस्यीय बेंच ने पलट दिया।

दीपक मिश्रा की बेंच ने चेलामेश्वर के फैसले को रद्द करते हुए कहा था कि कौन सी बेंच कौन से केस की सुनवाई करेगा, यह फैसला करना चीफ जस्टिस का काम है। किस बेंच में कौन से जज होंगे, यह तय करने का अधिकार भी सिर्फ चीफ जस्टिस को है। दरअसल, पूरा मामला मेडिकल एडमिशन घोटाले से जुड़ा हुआ है। एमसीआई स्कैम के नाम से मशहूर इस घोटाले ने पिछले साल सितंबर में मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। सीबीआई ने इस मामले में ओडिशा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज और 5 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। जज पर आरोप था कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से बैन लगाए जाने के बावजूद प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को छात्रों का रजिस्ट्रेशन करने की मंजूरी दी। सीबीआई जांच के मुताबिक, 2004 से 2010 के बीच ओडिशा हाई कोर्ट के जज रहे आईएम कुद्दीसी और उनकी सहयोगी भावना पांडे ने विभिन्न कोर्सेज में छात्रों को रजिस्टर करने के लिए लखनऊ के एक मेडिकल कॉलेज प्रसाद इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की मदद की।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.