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Aadhaar Card: निजी कंपनियों को क्यों देना चाह रहे Aadhaar यूज कराने का अधिकार, क्यों बनाया कानून? SC ने केंद्र से पूछा

याचिका में आरोप लगाया गया है कि आधार कानून में 2019 के संशोधन शीर्ष अदालत के पहले के आदेशों का उल्लंघन हैं।

Aadhaar Card: निजी कंपनियों को क्यों देना चाह रहे Aadhaar यूज कराने का अधिकार, क्यों बनाया कानून? SC ने केंद्र से पूछा
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटो क्रिएटिवः PTI/नरेंद्र कुमार)

सुप्रीम कोर्ट ने Aadhaar कानून में किए गए संशोधनों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। CJI एस.ए. बोबडे और जस्टिस बी.आर.गवई की बेंच ने आधार संशोधन कानून, 2019 की वैधानिकता को चुनौती देने वाली एस जी वोम्बटकेरे की याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र को इस मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने इस जनहित याचिका को इस मामले में पहले से ही पेंडिंग याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया है।

याचिका में आरोप है कि आधार कानून में 2019 के संशोधन शीर्ष अदालत के पहले के आदेशों का उल्लंघन हैं। इससे पहले, पांच न्यायाधीशों की बेंच ने आधार कानून की वैधता बरकरार रखते हुए कुछ आपत्तियां जताई थीं। साथ ही कहा था कि निजी कंपनियों को ग्राहकों की अनुमति से भी उनकी जानकारी के प्रमाणीकरण के लिए आधार डेटा के इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

हालांकि, बाद में केंद्र ने कानून में संशोधन करते हुए बैंक खाता खोलने और मोबाइल फोन कनेक्शन हासिल करने के लिए उपभोक्ताओं को पहचान पत्र के रूप में स्वेच्छा से आधार का प्रयोग करने की अनुमति देते हुए कानून में संशोधन किया था।

राज्यसभा ने जुलाई महीने में ध्वनि मत से आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित किया था। विपक्ष द्वारा डेटा चोरी होने की आशंका सहित कई कारणों का उल्लेख करते हुए विधेयक का विरोध किया था, जबकि लोकसभा ने इस विधेयक को चार जुलाई को पारित किया था।

इस संशोधित विधेयक में आधार डेटा के प्रावधानों का निजी कंपनियों द्वारा उल्लंघन करने पर एक करोड़ रूपए का जुर्माना और जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है।

संशोधित कानून में टेलीग्राफ कानून, 1885 और धन शोधन कानून, 2002 के तहत स्वैच्छिक आधार पर केवाईसी के प्रमाणीकरण के लिये आधार संख्या के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इसमें बच्चों को 18 साल की उम्र होने पर बायोमेट्रिक आईडी कार्यक्रम से निकलने का विकल्प भी प्रदान किया गया है।

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