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फर्जी बाबाओं पर सुप्रीम कोर्ट की नजरें टेढ़ी, SG से बोले CJI- ‘एक-एक को देखिए, इससे सबका नाम खराब हो रहा’

याचिका में कहा गया है कि उन आश्रम को बंद किया जाए, जिसे चलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से इस मामले को देखने को कहा है और सरकार से निर्देश लेकर आने को कहा है।

सुप्रीम कोर्ट में फर्जी बाबाओं द्वारा चलाए जा रहे आश्रमों के खिलाफ एक याचिका दायर की गई है। (फाइल फोटो)

देश भर में कई फर्जी बाबा आश्रम चला रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में इसे लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में फर्जी बाबाओं द्वारा चलाए जा रहे आश्रमों और आध्यात्मिक केंद्रों को बंद किए जाने का निर्देश देने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर विचार करने पर सहमत हो गया है और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस मामले को देखने के निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सॉलिसिटर जनरल से धोखाधड़ी करने वाले बाबाओं द्वारा चलाए जा रहे आश्रमों के मामले पर गौर करने के लिए कहा है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कहा कि इस पर गौर करें और एक-एक को देखिए, क्या किया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा ‘इससे सबका नाम खराब हो रहा है।’ याचिका में दावा किया गया है कि ऐसे आश्रमों में महिलाएं जेल जैसी गंदे और अस्वास्थ्यकर स्थितियों में रहती हैं जिससे उनके कोरोना से संक्रमित होने का खतरा है।

याचिका में कहा गया है कि उन आश्रम को बंद किया जाए, जिसे चलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से इस मामले को देखने को कहा है और सरकार से निर्देश लेकर आने को कहा है। मुख्‍य न्यायाधीश एसए बोबडे की अगुवाई वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के कार्यालय को याचिका की एक प्रति देने के भी निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने मामले पर मेहता के विचार मांगे और मामले को दो हफ्ते के बाद आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया।

अर्जी में याचिकाकर्ता ने कहा कि उनकी बेटी अमेरिका से पढ़कर आई है और स्कॉलर है, लेकिन वह 2015 से रोहिणी के एक ऐसे ही आश्रम में फंसी हुई है। दिल्ली और देशभर में कई ऐसे आश्रम हैं जिन्हें फर्जी बाबा चला रहे हैं और उन आश्रमों में सैकड़ों-हजारों महिलाएं हैं। याचिका में रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विद्यालय खाली कराने और वहां रह रही करीब 170 महिलाओं को वहां से निकाले जाने की मांग की गई है।

सिकंदराबाद निवासी याचिकाकर्ता डुम्पाला रामरेड्डी ने याच‍िका में दलील दी है कि वीरेंद्र देव दीक्षित, आसाराम बापू, गुरमीत राम रहीम सिंह आदि के खिलाफ बहुत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं फ‍िर भी उनके आश्रम उनके करीबी सहयोगियों की मदद से चलाए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि तमाम आश्रम में लोग बेहद गंदगी में रह रहे हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर खतरा है। महिलाएं जबरन आश्रम में रखी जा रही हैं उन्हें ड्रग्स दिया जाता है ताकि ड्रग्स के लत के कारण वह बाहर न जा सकें। अर्जी में कहा गया कि इस तरह के फर्जी बाबाओं द्वारा चलाए जा रहे आश्रम पर कोई अथॉरिटी एक्शन नहीं ले रही है।

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