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सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अगर पत्नी सास-ससुर से अलग रहने की जिद करे तो पति दे सकता है तलाक

कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है।
पंजाब के लुधियाना में एक दूल्हे को शादी के दौरान मारपीट और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।। (Representative Image)

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला अपने पति को बूढ़े मां-बाप से अलग रहने को मजबूर करती है तो उसे उसका पति तलाक दे सकता है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि हिन्दू लॉ के मुताबिक कोई भी महिला किसी भी बेटे को उसके मां-बाप के प्रति पवित्र दायित्वों के निर्वहन से मना नहीं कर सकती है। जस्टिस अनिल आर दवे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की खंडपीठ ने कहा कि एक महिला शादी के बाद पति के परिवार की सदस्य बन जाती है। वह इस आधार पर उस परिवार से अपने पति को अलग नहीं कर सकती है कि वो अपने पति की आय का पूरा उपभोग नहीं कर पा रही है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि माता-पिता से अलग रहने की पश्चिमी सोच हमारी सभ्यता-संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है। कोर्ट ने कर्नाटक की एक दंपत्ति के तलाक की अर्जी को मंजूरी देते हुए ये टिप्पणी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट में लिखा है, “भारत में हिन्दू परिवारों में न तो यह सामान्य बात है और न ही प्रचलन में है कि कोई भी बेटा अपनी पत्नी के कहने पर शादी के बाद बूढ़े मां-बाप को छोड़ दे। खासकर तब, जब बेटा ही परिवार में एकमात्र कमाऊ सदस्य हो। एक बेटे को उसके मां-बाप ने न केवल जन्म दिया बल्कि पाल-पोसकर उसे बड़ा किया, पढ़ाया, लिखाया। अब उसकी नौतिक और कानूनी जिम्मेवारी बनती है कि वह बूढ़े मां-बाप की देखभाल करे। खासकर तब जब उनकी आय या तो बंद हो गई है या कम हो गई है।”

Appointment of District Judge, Supreme Court of India, Fast-Track Court Judge

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दरअसल, कर्नाटक की इस दंपत्ति की शादी 1992 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही महिला अपने पति पर अकेले रहने का दबाव बना रही थी। उसकी क्रूर हरकतों की वजह से बाद में पति ने निचली अदालत में तलाक की अर्जी दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति के नौकरानी के साथ अवैध संबंध हैं, इसलिए वह मुझे तलाक दे रहे हैं लेकिन कोर्ट ने इसे झूठा पाया। निचली अदालत ने तलाक को मंजूर कर लिया। बाद में हाईकोर्ट ने महिला का पक्ष लिया और आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी।

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  1. K
    kity
    Sep 4, 2017 at 11:03 am
    और अगर आप इक लौटी लड़की हैं ,और आप भी अपने भूदे माँ बाप को साथ रखना छाती हैं लेकिन आपके सास ससुर इससे मत नहं हैं तो कानून क्या कहता हैं???
    (3)(0)
    Reply
    1. I
      ifti
      Sep 10, 2017 at 2:46 am
      Ye bat ladki walon ko shadi se pahle sochni aur tay karleni chahiye.. Behtar hoga ki jo ladka gharjamai banne ko razi ho usi se ladki ki shadi karni chahiye..
      (0)(0)
      Reply
    2. R
      Roy
      Sep 2, 2017 at 6:26 pm
      Agar maa apne bete ko dukh de rahi ho to uska kaanun nahi hai kya. Bas parents ke liye kaanun banta hai.
      (2)(0)
      Reply
      1. B
        Brajesh kushwaha
        May 30, 2017 at 5:53 am
        Good.. Faisla..
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        Reply
        1. U
          uttam singh
          Apr 11, 2017 at 6:47 am
          Mai bhi isi samasya se pareshan hoon kya karoon kuch samajh me nahi aaraha agar talaak mangta hoon to wife kharchaa maangegi mai gareeb admi hoon apna ghar chalaaoon ya usko kharcha doon uper se mujhe dhamki deti hai k dahej k case me jail karaa dungi,meri 2 ladkiyan hain unko kon rakhega mai ya vo,agar vo rakhegi to uske paas to kamaai ka rasta hi nahi hai,kya aap mujhe koi ah de sakte hain
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          1. J
            Jainendra
            Feb 3, 2017 at 2:34 am
            Mr . Mehta i appriceate ur words.I have seen many ladies who usually doing the same like pul the husband and not doing inlows tooo..Some time ladies took the wrong benift of his power which by givin by gowernment as well.
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            Reply
            1. S
              Shailendra
              Feb 2, 2017 at 3:39 am
              I think very good decision to high courtThanks allot of u
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              Reply
              1. A
                Ajaysantosh dwivedi
                Feb 2, 2017 at 5:37 am
                Good News. !!!!!!
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                Reply
                1. A
                  Anonymously
                  Oct 9, 2016 at 7:11 am
                  Strongly agree with Supreme Court. 90% girls do not want their in laws and wanna keep them away as much as possible. Their relationship with her own parents is totally different than husband's parents.. At least this will help them teaching some humanity..
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                  Reply
                  1. A
                    Atish ranjan
                    Feb 3, 2017 at 2:27 am
                    Good faisla
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                    1. A
                      amit
                      Feb 3, 2017 at 1:31 pm
                      This is fantastic judgement but one more judgement is also required the genuine males are facing alot of problems in court they are also seen as a culprit without any reason Whether the proof of videos are attatced in court in which video itself proves that female is wrong but our court laws of india and session judge close their eyes and give mercy to girls and judges threaten the boys is this right or ammendment is required
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