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दुनिया के अधिकतर देशों में रविवार को ही क्यों होता है साप्ताहिक अवकाश, जानिए

इसके पीछे कई कारण हैं जिनमें से ज्यादातर कारण धार्मिक हैं और इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के चलते रविवार का दिन छुट्टी का दिन बन गया।

भारत सरकार द्वारा रविवार को साप्ताहिक अवकाश के रूप में मान्यता नहीं दी गई है।

क्या आपके मन में कभी यह जानने की उत्सुकता नहीं होती कि आखिर सप्ताह के 7 दिनों में सिर्फ रविवार को ही क्यों सभी सरकारी और प्राइवेट कार्योलयों में साप्ताहिक अवकाश के रूप में मनाया जाता है? यदि यह प्रश्न आपके मन मस्तिष्क में उठता है और तो हम आपको इसका उत्तर बता रहे हैं…

इसके पीछे कई कारण हैं जिनमें से ज्यादातर कारण धार्मिक हैं और इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के चलते रविवार का दिन छुट्टी का दिन बन गया।

दरअसल, दुनिया के सभी धर्मों में सप्ताह का एक दिन अपने ईश्वर का ध्यान करने के लिए निर्धारित किया गया है। इस्लाम में यह दिन शुक्रवार है और इस दिन जुम्मा होता है, यहुदियों और ईसाईयों में शुक्रवार के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ‘सब्बाथ’ होता है। इसी तरह रोमन कैथलिक और प्रोटेस्टेंट ईसाई रविवार को ईश्वर का दिन मानते हैं। यूरोप समेत ज्यादातर ईसाई देशों में लोग रविवार को चर्च जाते हैं। इस दिन वो अपने काम और बाकी चीजों से आज़ादी लेकर सिर्फ ईश्वर का ध्यान करते हैं।

ईसाई धर्म के अनुसार, भगवान ने दुनिया को 6 दिन में बनाया और संडे को आराम किया था। इसलिए ईसाई धर्म के लोग सन्डे को ईसा के आराम के दिन के रूप में मनाते हैं और दस दिन चर्च जाते हैं। चूंकि दुनियां के एक बड़े हिस्से पर अंग्रेजों का बहुत समय तक कब्जा रहा है और जैसा कि रविवार उनके लिए ईश्वर की आराधना और चर्च जाने का दिन होता है, इसलिए दुनिया के अधिकतर देशों में रविवार के दिन साप्ताहिक अवकाश का प्रचलन अंग्रेजों की ही देन है। अधिकतर देशों ने इसे बदलने की जहमत नहीं उठाई और इस प्रचलन को ही मान्यता दे दी तो कुछ ने इसे बदल भी दिया।

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भारत सरकार का नियम क्या कहता है: भारत सरकार द्वारा रविवार को साप्ताहिक अवकाश के रूप में मान्यता नहीं दी गई है और यह अंग्रेजो के समय से ही चलता आ रहा है। भारत में अंग्रेजों ने रविवार को छुट्टी का प्रावधान 1843 में शुरू किया था। 1844 में तत्कालीन गर्वनर जनरल ने स्कूल और कॉलेजों में संडे को छुट्टी घोषित की ताकि स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ-साथ आपस में अच्छी और रचनात्मक चर्चा भी कर सकें। यह दौर मुंबई से शुरु हुआ था।

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हालांकि जम्मू के आरटीआई कार्यकर्ता रमन शर्मा ने आरटीआई दायर कर सरकार से रविवार की छुट्टी के बारे में पूछा था। 18 जुलाई 2012 को भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के जवाब के अनुसार जेसीए (JCA) सेक्शन में आधिकारिक रूप से संडे की छुट्टी का कोई प्रावधान नहीं है।

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21 मई 1985 को जारी किए गए जेसीए के ऑर्डर नंबर 13/4/85 में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने स्पष्ट किया का है कि भारत सरकार सिविल एडमिनिस्ट्रेशन में बेहतर काम के लिए सोमवार से शुक्रवार, 5 दिन काम करेगी और शनिवार को छुट्टी होगी। इसमें रविवार पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

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