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लोकसभा अध्यक्ष की भगवंत मान को सलाह, मामला हल होने तक कार्यवाही में हिस्सा ना लें

सुमित्रा ने कहा, ‘संसद की ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग करने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से संसद की सुरक्षा संकट में पड़ गयी।’
Author नई दिल्ली/चंडीगढ़ | July 25, 2016 21:33 pm
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन। (पीटीआई फाइल फोटो)

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने संसद भवन परिसर की वीडियो बनाकर विवाद शुरू करने वाले आप सांसद भगवंत मान को कथित सुरक्षा उल्लंघन को लेकर फैसला लिए जाने तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा ना लेने की सलाह दी। सदन की एक नौ सदस्यीय समिति मामले की जांच करेगी। वहीं मान ने 2017 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए ‘उनकी आवाज दबाने’ के लिए भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर हाथ मिलाने का आरोप लगाया। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा गठित समिति को तीन अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है जबकि मान को मंगलवार (26 जुलाई) सुबह तक समिति को अपना स्पष्टीकरण देने का समय दिया गया है। भाजपा सदस्य किरीट सोमैया समिति के अध्यक्ष हैं।

सुमित्रा ने कहा, ‘संसद की ऑडियो-वीडियो रिकार्डिंग करने और उसे सोशल मीडिया पर डालने से संसद की सुरक्षा संकट में पड़ गयी।’ उन्होंने कहा कि मामले को लेकर गत शुक्रवार (22 जुलाई) को कई सांसदों ने चिंता जतायी। उन्होंने कहा कि सदस्य को मामले में फैसला लिए जाने तक ‘सदन की कार्यवाही में हिस्सा ना लेने की सलाह दी जाती है।’ उस समय मान सदन में मौजूद नहीं थे। सोमवार (25 जुलाई) को सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सुमित्रा ने मामले को लेकर की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। 22 जुलाई को मामले को लेकर हंगामा होने पर लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘जांच समिति इसके गंभीर सुरक्षा निहितार्थ और संबंधित पहलुओं की जांच करेगी और भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर से ना हों, इसके लिए उपचारात्मक उपाय सुझाएगी तथा मामले में उचित कार्रवाई की सिफारिश करेगी।’ समिति के अन्य सदस्यों में आनंदराव अडसूल (शिवसेना), मीनाक्षी लेखी (भाजपा), भृतुहरि महताब (बीजद), रत्ना डे (तृणमूल कांग्रेस), थोटा नरसिम्हन (तेदेपा), डॉ. सत्यपाल सिंह (भाजपा), के सी वेणुगोपाल (कांग्रेस) और पी वेणुगोपाल (अन्नाद्रमुक) शामिल हैं। समिति के सदस्यों में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) का कोई सांसद नहीं है। मान पंजाब के संगरूर से सांसद हैं।

आप सांसद ने दावा किया कि उन्हें सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने से रोक कर जनता के मुद्दे उठाने से ‘रोक’ दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा, कांग्रेस और शिअद के ‘महागठबंधन’ ने ‘मेरे खिलाफ साजिश रची है क्योंकि मैं सदन में बहुत सक्रिय रहता हूं और जनता के मुद्दे उठाता हूं।’ मान ने चंडीगढ़ में संवाददाताओं से कहा, ‘पंजाब चुनाव को देखते हुए ऐसा हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘इस फैसले का मतलब है कि मैं तीन अगस्त तक मुद्दे नहीं उठा सकता। वे मुझे समिति के सामने पेश होने के लिए कह सकते थे और जनता के मुद्दे उठाने के लिए सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की मंजूरी दे सकते थे। संसद सत्र में शामिल होना मेरा अधिकार है। उन्होंने लाखों लोगों के अधिकारों का अतिक्रमण किया है।’

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