शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर दो साल के भीतर दूसरी बार हमला हुआ है। गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा माता साहिब में कुछ निहंगों ने सुखबीर बादल का सामना किया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चार निहंग उनके पास पहुंचे और उनमें से एक ने कथित तौर पर तलवार जैसे हथियार से हमला किया।
इस घटना में सुखबीर बादल के हाथ और कंधे पर चोट आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। हमलावरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस हमले की जांच अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसकी टाइमिंग ने पंजाब की राजनीति और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है।
हवारा की पैरोल की सिफारिश
इसकी वजह है कि इसी दिन जगतार सिंह हवारा से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा को मानवीय आधार पर पैरोल देने की सिफारिश की है। हवारा अपनी 83 वर्षीय बीमार मां नरिंदर कौर से मिलना चाहता है।
दो हमले, दो साल और एक चौंकाने वाला संयोग
सुखबीर बादल पर पहला हमला 4 दिसंबर 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में हुआ था। उस समय बादल धार्मिक दंड के तहत सेवा कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व उग्रवादी नारायण सिंह चौड़ा ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी।
हालांकि, सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी ने हमलावर का निशाना मोड़ दिया और सुखबीर बादल बाल-बाल बच गए। चौड़ा को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना का एक अहम पहलू यह था कि नारायण सिंह चौड़ा का नाम पहले जगतार सिंह हवारा से जुड़े बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में भी सामने आया था।
बुड़ैल जेल ब्रेक और हवारा से कनेक्शन
जनवरी 2004 में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से जगतार सिंह हवारा, जगतार सिंह तारा और परमजीत सिंह भ्योरा समेत कुछ कैदी सुरंग के रास्ते फरार हो गए थे। यह देश के चर्चित जेल ब्रेक मामलों में से एक था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि नारायण सिंह चौड़ा ने इस फरारी में मदद की थी और जेल ब्रेक के आसपास उसकी हवारा से बातचीत हुई थी।
जांच के दौरान चौड़ा और हवारा के बीच फोन कॉल्स का भी जिक्र सामने आया था। हालांकि, वर्ष 2015 में अदालत ने बुड़ैल जेल ब्रेक मामले में चौड़ा को बरी कर दिया। अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ साजिश के आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
बाद में दिसंबर 2024 में सुखबीर बादल पर हमले के मामले में चौड़ा को गिरफ्तार किया गया। मार्च 2025 में अमृतसर की एक अदालत ने उसे जमानत दे दी। अदालत ने उसकी हिरासत की अवधि और मुकदमे में लगने वाले संभावित समय जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा था।
अब नांदेड हमले की जांच में क्या देखा जा रहा है?
नांदेड में हुए ताजा हमले ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह हमला हमलावरों की व्यक्तिगत नाराजगी का नतीजा था या इसके पीछे कोई संगठित अथवा वैचारिक मकसद भी था।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि क्या नांदेड की घटना का किसी ऐसे नेटवर्क या व्यक्ति से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध है, जिसका नाम अतीत में हवारा से जुड़े घटनाक्रमों में सामने आया था। हालांकि, फिलहाल किसी तरह के सीधे संबंध की पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां सभी संभावनाओं की पड़ताल कर रही हैं।
हवारा की पैरोल पर पंजाब में बढ़ी हलचल
इधर, जगतार सिंह हवारा की पैरोल का मुद्दा भी पंजाब में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल से हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की अपील की थी, ताकि वह अपनी बीमार मां से मिल सके।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू ने भी हवारा की पैरोल की मांग को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की है। दोनों नेताओं ने अलग-अलग मुलाकात कर मानवीय आधार पर पैरोल दिए जाने की मांग रखी।
गुरुवार को राज्यपाल द्वारा पैरोल की सिफारिश किए जाने के बाद मामला और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, हवारा को अंतिम रूप से पैरोल मिलेगी या नहीं, इस पर अभी फैसला होना बाकी है। वह दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है।
सुखबीर बादल का हवारा पर क्या रुख है?
सुखबीर बादल ने अभी तक हवारा की पैरोल के पक्ष या विरोध में कोई स्पष्ट व्यक्तिगत बयान नहीं दिया है। हालांकि, शिरोमणि अकाली दल लंबे समय से ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई का मुद्दा उठाता रहा है। बंदी सिंहों में पंजाब के उग्रवाद के दौर से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए या हिरासत में रखे गए सिख कैदी शामिल हैं और हवारा भी इसी कैटेगरी में आता है। यही वजह है कि नांदेड में सुखबीर बादल पर हमले और उसी दिन हवारा की पैरोल से जुड़े घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल इस समय नांदेड़ के एक अस्पताल में भर्ती हैं। नांदेड़ के डीसी डॉ. राहुल कार्डले ने मीडिया को बताया कि सुखबीर सिंह बादल और उनकी सुरक्षा में तैनात एक जवान को मामूली चोट आई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
