सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर बढ़ने से जुड़ी खबरें पिछले काफी समय से आ रही हैं। अब सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) पर ब्याज दर 8.2% ही बनी हुई है और इस योजना में निवेश पिछले कुछ सालों से लगातार बढ़ रहा है।
लोकसभा में सोमवार (23 मार्च) को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक सवाल के जवाब में बताया कि 22 जनवरी 2015 को शुरू हुई इस योजना में खोले जाने वाले अकाउंट्स की संख्या लगाातर बढ़ रही है। इसके साथ ही डिपॉजिट की गई कुल रकम में भी इजाफा हुआ है।
SSY: ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं
वित्त राज्य मंत्री ने संसद में बताया कि सुकन्या समृद्धि योजना में 1 जनवरी 2024 से ब्याज दर 8.2 प्रतिशत बना हुआ है। यह सबसे ज्यादा ब्याज देने वाली योजनाओं में से एक है और इसमें पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है।
लोक सभा में सासंद टीआर ब्लू ने यह भी पूछा कि क्या योजना में ऑफर की जाने वाली कम ब्याज दर की वजह से SSY के सब्सक्रिप्शन नहीं बढ़ रहे हैं? इस पर पंकज चौधरी ने स्पष्ट किया ब्याज दर में बदलाव के चलते योजना में लोगों की हिस्सेदारी कम नहीं हुई है और साल-दर-साल निवेश बढ़ रहा है।
SSY: ब्याज दर में नहीं होगा इजाफा
बालू ने SSY में ब्याज दर में संशोधन कर सब्सक्रिप्शन बढ़ाने का सुझाव दिया। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि सुकन्या समृद्धि योजना पर फिलहाल 8.2% वार्षिक ब्याज दर पहले से ही लागू है। इसलिए ब्याज दर में बदलाव या संशोधन का सवाल ही नहीं उठता।
सुकन्या समृद्धि योजना क्या है?
सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक छोटी बचत स्कीम है। इस योजना का उद्देश्यय परिवारों को बच्चियों की शिक्षा और विवाह के खर्च के लिए बचत व निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सुकन्या समृद्धि योजना में अकाउंट खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज
-सुकन्या समृद्धि योजना का रजिस्टेशन फॉर्म
-बच्ची (Girl Child) का जन्म प्रमाणपत्र
-अभिभावक का आईडी प्रूफ
-अभिवावक का रेजिडेंशियल प्रूफ
सुकन्या समृद्धि योजना का प्रीमैच्योर-क्लोज़र
अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है तो मृत्यु प्रमाण पत्र पेश करने पर खाता तुरंत बंद कर दिया जाएगा और खाते में जमा राशि तथा मृत्यु की तिथि तक का ब्याज अभिभावक को दे दिया जाएगा।
मृत्यु की तिथि और खाते के बंद होने की तारीख के बीच की अवधि के लिए, खाते में शेष राशि पर पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट के लागू ब्याज दर के अनुसार ब्याज दिया जाएगा।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अकाउंट केवल 5 साल पूरे होने के बाद ही विशेष परिस्थितियों में समय से पहले बंद किया जा सकता है। ये परिस्थितियां इस प्रकार हैं:
(i) खाताधारक को जानलेवा बीमारी होने पर चिकित्सा सहायता की जरूरत
(ii) उस अभिभावक की मृत्यु जो अकाउंट को ऑपरेट कर रहा था
(iii) खाते को जारी रखना खाताधारक के लिए बहुत ज्यादा कठिनाई (undue hardship) पैदा कर रहा हो
पूरी तरह से सुरक्षित निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना एक 100% सुरक्षित सरकारी योजना है जिसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित रहता है। अगर इसमें नियमित और अनुशासित तरीके से निवेश किया जाए तो मैच्योरिटी पर अच्छा-खासा फंड तैयार किया जा सकता है। इस योजना में तय ब्याज दर के अनुसार रिटर्न मिलता है जो फिलहाल 8.2% है। सरकार हर तिमाही में इसकी समीक्षा करती है और जरूरत के अनुसार ब्याज दर में बदलाव या इसे स्थिर रख सकती है।
इस योजना में एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये जमा करना अनिवार्य है जबकि अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। निवेश मासिक आधार पर भी किया जा सकता है जिससे बचत करना और आसान हो जाता है।
टैक्स फ्री स्कीम
सुकन्या समृद्धि योजना एक पूरी तरह टैक्स-फ्री योजना है, ठीक पब्लिक प्रोविडेट फंड (PPF) की तरह। इसमें EEE (Exempt-Exempt-Exempt) का लाभ मिलता है यानी तीन स्तरों पर टैक्स छूट दी जाती है।
पहला, आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। दूसरा, इस योजना से मिलने वाले ब्याज/रिटर्न पर कोई टैक्स नहीं लगता। तीसरा, मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि भी पूरी तरह टैक्स-फ्री होती है।
SSY: डिपॉजिट के नियम
सुकन्या समृद्धि स्कीम में मैच्योरिटी पीरियड 21 साल है। इस अकाउंट में आपको 15 साल तक निवेश करना होता है जिसके 6 साल बाद खाता मैच्योर होता है। बचे 6 साल में आपकी जमा पर स्कीम के तहत तय ब्याज मिलता रहता है। इसमें कंपाउंडिंग का भी फायदा मिलता है। अगर आप 2024 में अकाउंट शुरू करते हैं तो यह 2045 में मैच्योर हो जाएगा। बेटी नवजात है तो उसे 21 साल में इसकीर पूरी रकम मिल सकती है, वहीं अगर बेटी 5 साल की है तो उसे 26 साल में रकम मिलेगी। स्कीम के तहत 2 बेटियों के लिए अलग-अलग खाता खोल सकते हैं। जुड़वा होने की स्थिति में 2 से ज्यादा अकाउंट संभव है।
| SSY सब्सक्राइबर्स की संख्या (वित्त मंत्रालय के अनुसार) | ||
| साल | अकाउंट्स की संख्या (लाख में) | जमा राशि (लाख करोड़ रुपये में) |
| 2014-15 | 4.2 | 0.001 |
| 2015-16 | 69.99 | 0.07 |
| 2016-17 | 100.84 | 0.17 |
| 2017-18 | 124.29 | 0.32 |
| 2018-19 | 155.34 | 0.5 |
| 2019-20 | 192.5 | 0.73 |
| 2020- 21 | 232.68 | 1.01 |
| 2021-22 | 293.75 | 1.39 |
| 2022-23 | 350.08 | 1.75 |
| 2023-24 | 387.15 | 2.37 |
| 2024-25 | 424.57 | 2.99 |
