ताज़ा खबर
 

हां मैं एजेंट हूं, लेकिन पाकिस्तान का नहीं शांति का: सुधीन्द्र कुलकर्णी

सुधीन्द्र कुलकर्णी ने खुद को ‘‘शांति का दूत’’ बताया न कि ‘‘पाकिस्तानी एजेंट’’ और भगवा पार्टी से कहा कि वह दूसरे लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करे..

Author मुम्बई | Published on: October 13, 2015 5:56 PM
सुधीन्द्र कुलकर्णी ने कहा, ‘‘जब कहा जाता है कि मैं पाकिस्तानी एजेंट हूं तो मैं कहता हूं कि हां मैं एक एजेंट हूं लेकिन मैं शांति का एजेंट हूं और बना रहूंगा।’’ (पीटीआई फोटो)

ऑब्जर्वर एंड रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) के अध्यक्ष सुधीन्द्र कुलकर्णी ने खुद को ‘‘शांति का दूत’’ बताया न कि ‘‘पाकिस्तानी एजेंट’’ और भगवा पार्टी से कहा कि वह दूसरे लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करे। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी की पुस्तक के विमोचन का आयोजन करने के लिए शिवसेना ने उन्हें पाकिस्तानी एजेंट करार दिया था।

कुलकर्णी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में मुझे पाकिस्तानी एजेंट करार दिया गया है। मैं उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता हूं। उन्हें भी दूसरों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए।’’

ओआरएफ ने वर्ली के नेहरू सेंटर में कसूरी की पुस्तक के विमोचन का आयोजन किया था जो कल शाम कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘जब कहा जाता है कि मैं पाकिस्तानी एजेंट हूं तो मैं कहता हूं कि हां मैं एक एजेंट हूं लेकिन मैं शांति का एजेंट हूं और बना रहूंगा।’’

कसूरी की पुस्तक के विमोचन के अवसर पर उनके चेहरे पर कालिख पोतने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उनकी गिरफ्तारी या जमानत से कुछ लेना देना नहीं है। मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है।’’

कुलकर्णी ने कहा, ‘‘हमारा देश लोकतांत्रिक है। विचारों एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारा मूलभूत अधिकार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ओआरएफ गैर राजनीतिक संगठन है। मैं शिवसेना…भाजपा के रिश्तों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।’’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कामकाज पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कुलकर्णी ने कहा, ‘‘जिस दिन से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पदभार संभाला है उन्होंने दक्षिण एशिया में नयी शुरूआत का प्रयास किया है।’’ कुलकर्णी भाजपा के दिग्गज नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के भाषण लेखक रहे हैं।

कुलकर्णी ने कहा कि दोनों पक्ष (भारत और पाकिस्तान) चाहते हैं कि वार्ता आगे बढ़े। कुलकर्णी ने कहा, ‘‘मैं खुश हूं कि मुंबई के लोगों ने हमारे प्रयासों की सराहना की।’’ उन्होंने शिवसेना की धमकी के बावजूद बड़ी संख्या में पुस्तक विमोचन में शामिल होने आए लोगों को धन्यवाद दिया।

इस बीच कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोतने की घटना का मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा आलोचना किए जाने पर प्रतिक्रिया जताते हुए शिवसेना के नेता संजय राउत ने आज कहा, ‘‘मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र को नहीं समझा है। वास्तव में उनके बयान से राज्य की बदनामी हुई है।’’

राउत का बयान इन खबरों के बीच आया है कि सोमवार को कुलकर्णी के चेहरे पर कालिख पोतने वाले शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने बांद्रा में आज ‘मातोश्री’ में पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाकात की।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories