scorecardresearch

बुजुर्गों का सम्मान करना सीखो- बीच डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी से बोले आचार्य प्रमोद; BJP नेता ने चीन को लेकर घेरा

आचार्य प्रमोद ने कहा कि हम खुले दिल से पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों का सम्मान करते हैं। हम उनका नाम आदर से लेते हैं।

बुजुर्गों का सम्मान करना सीखो- बीच डिबेट में सुधांशु त्रिवेदी से बोले आचार्य प्रमोद; BJP नेता ने चीन को लेकर घेरा
कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम् और बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ( फाइल फोटो)

भारत और चीन की अर्थव्यवस्था समेत कई मुद्दों लेकर चल रही एक निजी टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम भिड़ गए। इस दौरान आचार्य प्रमोद ने भाजपा प्रवक्ता से कहा कि बुजुर्गों का सम्मान करना सीखो।

भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता से कहा चीन हमारे यहां आकर बैठ गया था, चाइना को यूनाइडेट नेशन ने मान्यता नहीं दी थी। लेकिन उसके बावजूद पंडित नेहरू ने चाइना को मान्यता दिलवाई। त्रिवेदी ने कहा कि तिब्बत को चीन का हिस्सा कोई नहीं मान रहा, लेकिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने माना। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का बॉर्डर ही चीन से नहीं लगता था, तिब्बत से लगता था।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले तिब्बत चीन को दिया, फिर अक्साई चीन को दिया। आज कांग्रेस कहती है वापस करिए। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बता रहा हूं कि कैसे नहीं वापस हो पाता। उन्होंने कहा कि 1980 में भारत का फॉरेन एक्सजेंच रिजर्व 7.3 बिलियन डॉलर था और चाइना का 2.5 बिलियन डॉलर था। उन्होंने कहा कि उस वक्त कहां चाइना खड़ा था, और कहां हम खडे़ थे, लेकिन आज कहां चाइना खड़ा है, कहां हम खड़े हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 1973 में हिंदुस्तान की इकोनॉमी चाइना से बड़ी थी। उससे ज्यादा के तेजी से हिंदुस्तान ग्रोथ भी कर रहा था। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता से कहा कि आपके जमाने में क्या-क्या होता चला गया।

उन्होंने कहा कि नेहरू जी 14 साल जेल में रहे। सुधांशु ने कहा कि क्या कोई ऐसी जेल सुनी है, जहां आपको किताब लिखने की नहीं, बल्कि सेक्रेटरी रखने की सुविधा हो। ऐसे जलवे के साथ नेहरू जेल में रहे और उन्होंने जेल के अंदर दो-तीन किताबें लिखीं, लेकिन नेहरू संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कांग्रेस प्रवक्ता से सवाल किया कि जो काला पानी भुगत रहे थे, कोल्हू में बैल की तरह जोत दिए जा रहे थे वो संघर्ष नहीं कर रहे थे।

सुधांशु त्रिवेदी के सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता आचार्य ने कहा कि पंडित नेहरू 6 दिसंबर 1921 को पहली बार जेल में गए। उन्होंने कहा कि 1921 से 1947 की अवधि जोड़िए। मतलब पंडित नेहरू को यह पहले से याद होगा कि जब हिंदुस्तान आजाद होगा, तब हम देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। आचार्य ने सुधांशु से कहा कि बुजुर्ग-पूर्वजों का सम्मान करना सीखो।

त्रिवेदी ने कहा कि मैं तो आपको मानता हूं कि आप मां भारती के वो सपूत हैं। आचार्य ने कहा कि हम खुले दिल पंडित अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों का सम्मान करते हैं। हम उनका नाम आदर से लेते हैं। पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि हम उनकी कुछ नीतियों का विरोध करते हैं, लेकिन हम फक्र से कहते हैं कि हमारा प्रधानमंत्री ताकतवर है, लेकिन यह भी चाहते हैं कि जिस तरह पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उस तरह चीन के खिलाफ भी उठाइए। उन्होंने कहा कि अगर भारत की जमीन चीन के पास है तो उसे लाने का आह्वान तो करिए।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.