सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में 3 साल पहले फेल होने वाला गांव का जिद्दी लड़का बना IPS, प्रेरणादायी है जुझारुपन

दारोगा की परीक्षा में फेल होने के बाद भी सीरीसेट्टी संकीर्थ का हौंसला नहीं टूटा और उन्होंने अपने वर्दी पहनने के जुनून को बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने के लिए मिशन भागीरथी योजना में सहायक अभियंता के रूप में भी काम किया।

सीरीसेट्टी संकीर्थ ने साल 2019 में हुई संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास की और 330 रैंक हासिल की। (फोटो: इंस्टाग्राम/ sankeerth_sirisetti_ips)

मशहूर शायर साहिर लुधियानवी का एक शेर है “हज़ार बर्क़ गिरे लाख आंधियां उठे वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं”। ये पंक्ति तेलंगाना के एक गांव के रहने वाले सीरीसेट्टी संकीर्थ पर सटीक बैठती है। जिन्होंने दरोगा की परीक्षा में फेल होने के बाद अपने ऊपर असफलता को हावी नहीं होने दिया और आख़िरकार अपने खाकी वर्दी पहनने के जुनून को पूरा करने के लिए यूपीएससी की परीक्षा पासकर आईपीएस बने।

मूल रूप से तेलंगाना के मंचेरियल जिले के बेलमपल्ली में एक बिजली मिस्त्री के यहां जन्मे सीरीसेट्टी संकीर्थ ने अपनी स्कूली पढ़ाई अपने गृह जिले से ही पूरी की। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के ओस्मानिया विश्वविद्यालय से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। सीरीसेट्टी का मन शुरू से ही पुलिस में जाने का था इसके लिए उन्होंने राज्य में होने वाली दारोगा भर्ती की परीक्षा भी दी।

सीरीसेट्टी संकीर्थ ने दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा पास की। लेकिन वे 800 मीटर की अनिवार्य दौड़ में असफल हो गए और दारोगा बनने की रेस से बाहर हो गए। सीरीसेट्टी ने दारोगा भर्ती में मिली असफलता को लेकर एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें 800 मीटर की दौड़ को 160 सेकेंड में पूरा करना था। उन्हें इसे दौड़ को पूरा करने में ज्यादा समय लगा और वे उस परीक्षा में फेल हो गए। लेकिन वे अब 800 मीटर की दौड़ को सिर्फ 120 सेकेंड में पूरा कर सकते हैं।

दारोगा की परीक्षा में फेल होने के बाद भी सीरीसेट्टी संकीर्थ का हौंसला नहीं टूटा और उन्होंने अपने वर्दी पहनने के जुनून को बनाए रखा। इस दौरान उन्होंने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग करने के लिए मिशन भागीरथी योजना में सहायक अभियंता के रूप में भी काम किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने वर्दी पहनने के अपने जुनून को पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। नौकरी के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी जारी राखी।

सीरीसेट्टी संकीर्थ ने चार बार यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन वे इस परीक्षा को पास नहीं कर पाए। आखिरकार 2019 की संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उन्होंने पास की और वे आईपीएस के लिए चुन लिए गए। कभी दारोगा की परीक्षा में फेल होने वाले सीरीसेट्टी संकीर्थ ने आख़िरकार वर्दी पहनने के अपने सपने को पूरा कर ही लिया। सीरीसेट्टी संकीर्थ को पुलिस अधिकारी बनने की प्रेरणा साइबराबाद के पुलिस आयुक्त एम स्टीफन रवीन्द्रन से मिली। साल 2019 की परीक्षा में 330 रैंक लाने वाले सीरीसेट्टी संकीर्थ ने चंद दिनों पहले ही आईपीएस की ट्रेनिंग पूरी की और उन्हें अपना गृह कैडर तेलंगाना मिला है।  

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