Will another bank sink today? येसबैंक मामले पर बोले सुब्रमण्यम स्वामी तो यूजर ने मारा तंज- पहले हिन्दू-मुस्लिम तो कर लें

केंद्रीय बैंक ने अगले आदेश तक बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है। यह खबर आते ही इस बैंक के ग्राहकों को झटका लगा है। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इसे लेकर आरके ट्वीट किया है जिसके बाद उन्हें बुरी तरह ट्रोल होना पड़ा है।

Subramanian Swamy
भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (Express File Photo by Gajendra Yadav)

भारतीय रिजर्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के येस बैंक के निदेशक मंडल को भंग करते हुए उस पर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। इसके साथ ही बैंक के जमाकर्ताओं पर निकासी की सीमा सहित इस बैंक के कारोबार पर कई तरह की पाबंदिया लगा दी गयी हैं। केंद्रीय बैंक ने अगले आदेश तक बैंक के ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की है। यह खबर आते ही इस बैंक के ग्राहकों को झटका लगा है। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इसे लेकर आरके ट्वीट किया है जिसके बाद उन्हें बुरी तरह ट्रोल होना पड़ा है।

स्वामी ने येस बैंक को लेकर ट्वीट कर लिखा “क्या आज एक और बैंक डूब जाएगी?” स्वामी के ये ट्वीट करते ही यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे। एक ने मारा तंज मारते हुए लिखा “पहले हिन्दू-मुस्लिम तो कर लें।” एक अन्य यूजर ने लिखा “स्वामीजी, सरकार को अब अपना वित्त मंत्री बादल देना चाहिए। देश हित में इस से अच्छा कोई काम नहीं हो सकता। अगर बीजेपी ने अब आपको एफ़एम नियुक्त नहीं किया तो यह बीजेपी के लिए बहुत बड़ा झटका होगा।” एक यूजर ने लिखा “अभी ये शुरुआत है भारत के सुपरपावर बनाने की।”

स्वामी के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस मामले में सरकार पर हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी एवं उनके विचारों ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘येस बैंक नहीं। मोदी और उनके विचारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दावा किया, “भाजपा 6 साल से सत्ता में है। वित्तीय संस्थानों को नियंत्रित और विनियमित करने की उनकी क्षमता उजागर होती जा रही है।” उन्होंने सवाल किया, “पहले पीएमसी बैंक, अब येस बैंक। क्या सरकार बिल्कुल भी चिंतित नहीं है? क्या वो अपनी जिम्मेदारी से बच सकते हैं? क्या अब कतार में कोई तीसरा बैंक है?”

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को सरकार से मशविरा करने के बाद येस बैंक पर रोक लगायी और उसके निदेशक मंडल को भी भंग कर दिया है। वहीं बैंक के ग्राहकों पर भी 50,000 रुपये मासिक तक निकासी करने की रोक लगायी है। येस बैंक किसी भी तरह का नया ऋण वितरण या निवेश भी नहीं कर सकेगा। बैंक का नियंत्रण भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में वित्तीय संस्थानों के एक समूह के हाथ में देने की तैयारी की गयी है।

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