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सुब्रमण्यन स्वामी ने राहुल गांधी को फिर कहा ‘बुद्धू’, बोले- सरकार के चमचे ट्विटर पर पूछेंगे कि मैं क्यों हुआ शांत

स्वामी ने लिखा कि गृह मंत्री अभी शरद पवार के साथ गुप्त बैठक करने में व्यस्त हैं। 'बुद्धू' की भारतीय नागरिकता अभी तक खत्म नहीं हुई है? उनके लिए ये प्राथमिकता नहीं है।

BJP, Subramanian Swamiभाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (फोटो- PTI)

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर से उन्होंने राहुल गांधी को ‘बुद्धू’ बताया है। उन्होंने एक ट्वीट के जवाब में राहुल गांधी को ‘बुद्धू’ बताया साथ ही उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसा।

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय की तरफ से राहुल गांधी को उनकी नागरिकता को लेकर 2019 में नोटिस भेजा गया था। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने दो बार सवाल खड़े किए थे। पहली बार साल 2017 में और फिर 2019 में उन्होंने पत्र लिखा था। स्वामी ने राहुल गांधी के ब्रिटिश नागरिक होने की बात कही थी। एक ट्विटर यूजर सुब्रमण्यन स्वामी को टैग कर लिखा कि गृह मंत्री ने अभी तक 2019 में ब्रिटिश नागरिकता पर भेजे गए कारण बताओ नोटिस पर कार्रवाई नहीं की है।

उसके ट्वीट का जवाब देते हुए स्वामी ने लिखा कि गृह मंत्री अभी शरद पवार के साथ गुप्त बैठक करने में व्यस्त हैं। ‘बुद्धू’ की भारतीय नागरिकता अभी तक खत्म नहीं हुई है? उनके लिए ये प्राथमिकता नहीं है। अब सरकार के चमचे मुझसे पूछेंगे कि मैं ‘बुद्धू’ को लेकर शांत क्यों हो गया हूं।

2019 में गृहमंत्रालय ने कांग्रेस नेता को नोटिस भेजते हुए कहा था कि हमें सांसद सुब्रमण्यन स्वामी की तरफ से आर्जी मिली है कि राहुल गांधी ब्रिटेन में 2003 में पंजीकृत कंपनी बैकऑप्स लिमिटेड के डायरेक्टर्स में शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार स्वामी का कहना है कि ब्रिटिश कंपनी के 10 अक्टूबर 2005 और 31 अक्टूबर 2006 को भरे गए वार्षिक टैक्स रिटर्न में गांधी की जन्मतिथि 19 जून 1970 बतायी गयी है। साथ ही उन्हें ब्रिटिश नागरिक भी बताया गया है।

बताते चलें कि भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी कुछ साल पहले कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार पर काफी हमले कर रहे थे। उन्होंने एक के बाद एक खुलासे और आरोप गांधी परिवार पर लगाया था। हालांकि हाल के दिनों में स्वामी अपनी पार्टी से भी नाराज चल रहे हैं। चीन के मुद्दे पर उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक मंचों से आलोचना की है।

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