पेगासस: ‘सच जल्द होगा सामने’, बोले BJP के स्वामी; यूजर ने उठाया देशभक्ति पर सवाल तो कहा- हम देशभक्त वो ‘पेडभक्त’

पेगासस मामले को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी लगातार एक्टिव हैं। अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते रहते हैं।

Subramanian Swamy, Subramanian Swamy on Pegasus, Truth of Pegasus, Subramanian Swamy Twitter
पेगासस को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी लगातार एक्टिव रहते हैं। Photo Source- Indian Express

Subramanian Swamy on Pegasus: पेगासस मामले को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) लगातार एक्टिव हैं। अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते रहते हैं। शुक्रवार को एक बार फिर उन्होंने इस मसले पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि जल्द ही पेगासस मामले पर जल्द ही सच्चाई होगी सामने। सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने बताया कि इजराइल के रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने कल NSO के दफ्तर पर छापा मारा था। पेगासस डाटाशीट से संबंधित दस्तावेज उनके रक्षा मंत्रालय के पास हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले पर हमारे पास सही जानकारी होगी।

उनके ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं तो स्वामी ने उनका भी जवाब दिया। मंगापथी एस @smpathi नाम के यूजर ने लिखा कि मुझे डर है कि आपके ऐसे बयानों को भक्तों द्वारा देश विरोधी करार दिया जाएगा। इस पर स्वामी ने कहा हम देशभक्त हैं वो पेड भक्त हैं।

वहीं एक @ved_narsekar नाम के यूजर लिखा कि आप जितना चाहें उतनी गहराई से जासूसी कर लें लेकिन रोजमर्रा के लिए इस्तेमाल होने पेट्रोल और सरसो के तेल के दामों में कमी कर दी। इसके जवाब में स्वामी ने लिखा वित्त मंत्री से पूछिए। स्वामी ने कई यूजर की प्रतिक्रिया पर जवाब दिए।

पेगासस मामले को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी लगातार सक्रिय रहते हैं। विपक्ष के साथ वह लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि अगर हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल को चिट्ठी लिखकर NSO पेगासस प्रोजेक्ट की जांच की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी सच्चाई सबके सामने आनी ही चाहिए।

भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पिछले दिनों भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा था कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि पेगासस स्पाईवेयर एक कमर्शियल कंपनी है जो पेड कॉन्ट्रैक्ट्स पर काम करती है। इसलिए सवाल यह उठता है कि भारतीय “ऑपरेशन” के लिए उन्हें किसने भुगतान किया। अगर भारत सरकार ने नहीं किया तो किसने किया? इस बारे में भारत के लोगों को बताना मोदी सरकार का कर्तव्य है। स्वामी ने पेगासस मामले की तुलना वाटरगेट से भी की थी।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट