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बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता बनर्जी से की मुलाकात, बताया करिश्माई और साहसी नेता

Swamy meets Mamata Banerjee: बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गुरुवार को ममता बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात 30 मिनट चली, लेकिन किसी ने भी मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा। उनकी इस मीटिंग को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कई अटकलें लगाई जा रही हैं।

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता बनर्जी से की मुलाकात, बताया करिश्माई और साहसी नेता
सुब्रमण्यम स्वामी ने की ममता बनर्जी से मुलाकात (फोटो- ट्विटर/@Swamy39)

Swamy meets Mamata Banerjee: भारतीय जनता पार्टी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गुरुवार (18 अगस्त, 2022) को मुलाकात की और उन्हें करिशमाई और साहसी नेता बताया है। उन्होंने खुद ट्वीट करके इस मुलाकात के बारे में बताया है और इसमें वो बंगाल की सीएम की खूब तारीफ भी करते दिख रहे हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में कहा, “आज मैं कोलकाता में था और करिश्माई ममता बनर्जी से मुलाकात की। वह एक साहसी नेता हैं। मैंने सीपीएम के खिलाफ उनकी लड़ाई की प्रशंसा की जिसमें उन्होंने कम्युनिस्ट को खत्म कर दिया।” दोनों नेताओं के बीच हुई यह मुलाकात 30 मिनट चली, लेकिन किसी ने भी मीडिया के सामने कुछ नहीं कहा। उनकी इस मीटिंग को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कई अटकलें लगाई जा रही हैं।

बता दें कि, पिछले साल भी नवंबर में बनर्जी ने दिल्ली में स्वामी के साथ एक बैठक की, जिसके बाद भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। उस वक्त ऐसा कहा जा रहा था कि स्वामी टीएमसी में शामिल हो सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा था कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह पहले से ही ममता बनर्जी के साथ हैं।

सुब्रमण्यम स्वामी और ममता बनर्जी हमेशा से ही मोदी सरकार के आलोचक रहे हैं। स्वामी ने हाल के दिनों में कई बार सोशल मीडिया पर आर्थिकी स्थिति से लेकर बाहरी मामलों तक विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी। उन्होंने बीजेपी की संसदीय बोर्ड की सूची और केंद्रीय चुनाव समिति को लेकर भी पार्टी नेतृत्व पर हमला बोला था। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि आज पार्टी में हर पद पर सदस्यों का चुनाव मोदी की मंजूरी से होता है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा, “भारतीय जनता पार्टी और उसके बाद बीजेपी के शुरुआती दिनों में संगठन के पदों पर चुनाव के लिए संसदीय बोर्ड के चुनाव कराए जाते थे। ये पार्टी के संविधान की मांग है। लेकिन आज बीजेपी में कोई चुनाव नहीं होता। हर पद के लिए मोदी के अप्रूवल से सदस्यों को नामांकित किया जाता है।”

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