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पाकिस्तानी कलाकारों पर पाबंदी के पक्ष में सुब्रमण्यम स्वामी

पाकिस्तान में निर्वाचित सरकार से बात करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि उसका कोई वजन नहीं है, वे किसी फैसले को लागू करा पाने लायक ही नहीं हैं ।

Author न्यूयॉर्क | October 22, 2016 11:19 PM
2G Spectrum Case, Ratan tata vs subramanian swamy, subramanian swamy news, subramanian swamy latest news, subramanian swamy Hindi News, Ratan tata news, 2G case Ratan tataराज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी। (फाइल फोटो)

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव के बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने पर पाबंदी लगाने की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें देश में काम करने की इजाजत देकर भारतीय लोगों की चेतना को कमजोर नहीं किया जा सकता। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के छात्रों की ओर से यहां आयोजित ‘भारत एवं पाकिस्तान: एक उप-महाद्वीपीय मामला’ शीर्षक वाले एक सम्मेलन में स्वामी ने कहा, ‘आज हम ऐसी स्थिति में हैं जिसमें हमें देश के दिमाग को इस बात के लिए तैयार करना है कि भविष्य में ऐसी संभावना पैदा हो सकती है कि हमें युद्ध करना पड़े। हम पहले ही पाकिस्तान के साथ चार बार युद्ध कर चुके हैं, यह कोई असाधारण बात नहीं है।’

उन्होंने शुक्रवार (21 अक्टूबर) को सम्मेलन में कहा, ‘लोगों के दिमाग को तैयार करने के लिए हम सिनेमा कलाकारों और क्रिकेट खिलाड़ियों को हमारे देश आकर खेलने नहीं दे सकते। हम ऐसा नहीं होने दे सकते। जिस दिन पाकिस्तान में सामान्य स्थिति होगी हम क्रिकेट और सिनेमा फिर से शुरू करने वाले पहले देश होंगे।’ स्वामी ने कहा कि युद्ध कोई समाधान नहीं है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगी और ‘यदि यह हुआ तो हम अपने पास उपलब्ध साधनों से पलटवार करेंगे।’  उन्होंने कहा, ‘देश का मूड मैं जो देख रहा हूं, वह पिछले कुछ सालों में सख्त हुआ है और यह ऐसी जगहों पर दिख रहा है जहां कई लोग सोचते थे कि हम वहां दखल नहीं देंगे, उदाहरण के तौर पर – (भारत में पाकिस्तानी) कलाकारों का नहीं आना । लेकिन देश में ऐसा मूड है कि वे नहीं चाहते कि पाकिस्तान को लेकर हमारे रवैये में नरमी आए।’

स्वामी ने कहा, ‘बातचीत से निकलने वाले हल और वार्ता के लिए यह अंधकारमय तस्वीर है। हम इस चेतना को कमजोर नहीं पड़ने देंगे क्योंकि यदि आपको किसी चीज के लिए तैयार होना है तो आप चेतना को कमजोर नहीं होने दे सकते, लिहाजा ‘नाच-गाने’ के इस कारोबार को इसकी भेंट चढ़ना होगा।’ भाजपा सांसद ने कहा कि सामान्य तौर पर राजनीतिक लड़ाई में किसी को संस्कृति एवं कला पर ऐतराज नहीं करना चाहिए, लेकिन भारत और पाकिस्तान के मौजूदा हालात को देखते हुए, जिसमें ‘हम युद्ध जैसी स्थिति में नहीं हैं लेकिन गलती से युद्ध की आशंका है। लिहाजा, हमें तैयार रहना होगा।’ सम्मेलन में एक छात्र ने स्वामी का विरोध किया जब उन्होंने टिप्पणी की कि अमेरिका की अगुवाई वाले सैन्य बलों की ओर से किए गए मोसुल हमले के बाद आईएसआईएस के कई सदस्य अब पाकिस्तान में पनाह लेने की सोच रहे हैं।

स्वामी ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र का रुख करने के अलावा भारत ने ‘एक और गलती’ की और वह यह कि उसने ‘यह स्पष्ट नहीं किया कि कश्मीर की स्थिति को लेकर पाकिस्तान के साथ कोई चर्चा नहीं होगी। अब सिर्फ इस बात पर चर्चा होगी कि आतंकवाद कैसे खत्म किया जाए।’ उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान का राजनीतिक नेतृत्व अपनी थलसेना और आईएसआई को अनुशासित करने के लिए कदम नहीं उठाएगा और पाकिस्तान में खुलेआम रह रहे सभी आतंकवादियों का सफाया नहीं करेगा, ‘मेरा मानना है कि भारत की किसी भी सरकार के लिए उसके साथ व्यापक वार्ता करना संभव नहीं होगा।’ स्वामी ने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तौर पर सामान्य स्थिति ऐसी चीज है जिसे हम भारत के लोग अर्थहीन मानते हैं और इसलिए इसमें शामिल नहीं होना चाहिए । पाकिस्तान में निर्वाचित सरकार से बात करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि उसका कोई वजन नहीं है, वे किसी फैसले को लागू करा पाने लायक ही नहीं हैं ।’’

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