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नेशनल हेराल्ड केस: गांधी परिवार का फिर सिरदर्द बढ़ाएंगे सुब्रमण्यम स्वामी! अब प्रियंका गांधी को भी लपेटा

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अब नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार पर 'आयकर बम' फोड़ा है। खास बात यहा है कि इस बार में स्वामी ने सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को भी लपेटे में लिया है।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी (File photo)

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अब नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार पर ‘आयकर बम’ फोड़ा है। खास बात यहा है कि इस बार में स्वामी ने सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा को भी लपेटे में लिया है। स्वामी ने शनिवार (20 जनवरी) को इस मामले से जुड़े आयकर के दस्तावेजों को कोर्ट में सौंपा। स्वामी ने दावा किया कि नेशनल हेराल्ड की 2 हजार करोड़ की संपत्ति के अधिग्रहण में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा प्रियंका गांधी ने भी अहम भूमिका निभाई। अब मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी, तब तक कोर्ट ने सभी दस्तावेजों को सीलबंद लिफाफे में रखने का आदेश दिया है। स्वामी का दावा है कि इस केस में सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का कथित घोटाले में दोष सिद्ध होता है। शुक्रवार (19 जनवरी) को दिल्ली हाईकोर्ट ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। याचिका में आयकर विभाग के कंपनी को भेजे गए नोटिस को चुनौती दी गई थी।

बता दें कि नेशनल हेराल्ड अखबार की मालिकाना कंपनी एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) है। 2011 में कांग्रेस ने कंपनी को 90 करोड़ का कथित लोन देकर इसकी देनदारियों को अपने पास कर लिया था। फिर 5 लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई थी, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल की 38-38 फीसदी हिस्सेदारी तय हुई थी। 24 फीसदी हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीज की है। स्वामी का आरोप है कि कांग्रेस ने यंग इंडिया को एजेएल को खरीदने के लिए असुरक्षित कर्ज दिया था। मामले में सोनिया और राहुल के अलावा कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, आस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडियन आरोपी हैं।

मामले की सुनवाई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में चल रही है। अगर इस केस में जल्द फैसला आता है और वह कांग्रेस नेताओं के खिलाफ रहता है तो हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष बने राहुल गांधी की जनता के बीच सकारात्मक इमेज बनाने की कोशिशों को धक्का लग सकता है। 2019 के लोकसभा चुनावों में अभी वक्त जरूर है, लेकिन उससे पहले उत्तर पूर्वी राज्यों त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में चुनाव नजदीक है। उत्तर पूर्व में कांग्रेस का अच्छा प्रभाव माना जाता है।

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