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टैक्‍स बचाने के लिए जल्‍द से जल्‍द जमा करा दीजिए ये दस्‍तावेज

टैक्स बचाने के लिए कंपनियां इन्हीं दस्तावजों का इस्तेमाल करती हैं

चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

टैक्स सेविंग्स कौन नहीं चाहता। जैसे ही वित्त वर्ष खत्म होने वाला होता है तो कंपनी के अकाउंट्स डिपार्टमेंट वाले आपको दस्तावेज जमा करने की याद दिलाते रहते हैं। यूं तो इसके दस्तावेज जमा कराने की तारीख हर कंपनी में अलग-अलग होती है, लेकिन फिर भी कंपनियां चाहती हैं कि आप अपने दस्तावेज कंपनी में 10 मार्च तक जमा कर दें। अगर आप भी टैक्स बचाना चाहते हैं तो जल्द से जल्द ये दस्तावेज अपनी कंपनी में जमा करा दें

इन्वेस्टमेंट्स : इसमें म्युच्युअल फंड की ईएलएसएस, लाइफ इंश्योरेंस और प्रीमियम की रसीदें दी जाती हैं। इसके अलावा पीपीएफ बैंक या पोस्ट अॉफिस द्वारा मैनेज किए जाते हैं। आप अपनी पासबुक की फोटोकॉपी के जरिए अपनी ट्रांजेक्शन दिखा सकते हैं। अगर आप अॉनलाइन अपना पीपीएफ चलाते हैं तो आप ई-रिसिप्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ट्यूशन फी : बच्चों की स्कूल फी की रसीदों का भी इस्तेमाल टैक्स बचाने में हो सकता है।

पहली बार घर खरीदने वाले : इस वित्त वर्ष में सेक्शन 80ईई के तहत पहली बार घर खरीदने वालों को टैक्स में राहत दी गई है। वह होम लोन के ब्याज से इसका लाभ ले सकते हैं। सेक्शन 24 के तहत 2 या या उससे ऊपर ही टैक्स लगेगा। आप दस्तावेजों की फोटोकॉपी जमा कराकर टैक्स बचा सकते हैं।

मकान किराया भत्ता छूट : जो लोग एचआरए क्लेम करते हैं, उनके लिए मकानमालिक का पैन अनिवार्य है। यह उनके लिए नहीं हैं जिनका किराया प्रति वर्ष एक लाख या उससे कम है। अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो आप रेंट अग्रीमेंट की कॉपी का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मेडिक्लेम प्रीमियम : इसके लिए आप अपने मेडिकल इंश्योरेंस एजेंट से बात कर सकते हैं और उससे सेक्शन 80डी के तहत टैक्स पर्पज का स्टेटमेंट मांग सकते हैं। लेकिन याद रहे कि प्रीमियम सिर्फ चेक या डिजिटल ट्रांसफर के जरिए ही हुआ होना चाहिए।

लोन फ्रॉम हाउजिंग प्रॉपर्टी : जिस घर के लिए आपने लोन लिया है, उसका सर्टिफिकेट किसी वित्तीय संस्थान से ले लीजिए। उसमें वित्त वर्ष अप्रैल 2016-मार्च 2017 के बीच आपके ब्याज चुकाने की जानकारी लिखी होनी चाहिए।

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