झारखंड हाईकोर्ट द्वारा JPSC परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने छात्रों के आंदोलन को खत्म करने के लिए एक ‘कुचक्र और षड्यंत्र’ रचा था।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि हाईकोर्ट के सामने जो तथ्य और आदेश आते हैं, अदालत उसी के आधार पर कार्रवाई करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में भी घटनाक्रम उसी तरह आगे बढ़ रहा है, जैसा राज्य सरकार ने कथित तौर पर पहले से ‘स्क्रिप्ट’ कर रखा था।

‘सरकार ने आंदोलित छात्रों को मूर्ख बनाया’

बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार ने आंदोलन कर रहे छात्रों को पहले एक ‘ब्लैंकेट ऑर्डर’ के जरिए राहत देने की कोशिश की और बड़ी संख्या में लोगों को हटाने का आदेश जारी किया। उनके मुताबिक, सरकार को पहले से पता था कि यह आदेश न्यायिक समीक्षा में टिक नहीं पाएगा।

उन्होंने कहा, “पहले उन्होंने जो आंदोलित छात्र थे, उनको मूर्ख बनाया। उनके लिए सब एक बार ब्लैंकेट ऑर्डर निकाल के सारे लोगों को हटा दिया और उनको पता था कि ये जुडिशियल स्क्रूटनी में नहीं टिकने वाला।”

उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार के पास एडवोकेट जनरल, एडिशनल एडवोकेट जनरल और सरकारी वकीलों की पूरी टीम मौजूद है, तो उसे यह अंदाजा क्यों नहीं था कि उसका आदेश कानून की कसौटी पर टिकेगा या नहीं।

‘सरकार के वकील तक कोर्ट में नहीं हुए पेश’

प्रतुल शाहदेव ने सरकार की पैरवी को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के पास मुख्यमंत्री से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों को नियुक्त करने की क्षमता है, वह इस मामले में उसी स्तर के वकीलों को क्यों नहीं लाई।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल तक अदालत में पेश क्यों नहीं हुए। बीजेपी नेता ने इसे पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।

‘आंदोलन खत्म कराने की थी कोशिश’

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि सरकार चाहती थी कि हाईकोर्ट की ओर से इस आदेश पर रोक लग जाए। उनके मुताबिक, इससे एक तरफ आंदोलन कर रहे छात्रों का आंदोलन खत्म हो जाता और दूसरी तरफ जिन लोगों की नियुक्तियां प्रभावित हुई थीं, उन्हें भी वापस नौकरी मिलने का रास्ता खुल जाता।

बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों के आंदोलन को ‘ठगने’ का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को तोड़ने और समाप्त करने के लिए एक ऐसा ‘कुचक्र और षड्यंत्र’ रचा गया, जो अब सरकार की कथित स्क्रिप्ट के मुताबिक आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

JPSC मामले पर आगे भी जारी रह सकता है सियासी घमासान

हाईकोर्ट के अंतरिम स्टे के बाद JPSC परीक्षा और नियुक्तियों का विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। बीजेपी ने जहां अदालत के आदेश को सरकार की कथित रणनीति से जोड़कर सवाल उठाए हैं, वहीं इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

फिलहाल, शाहदेव के आरोपों को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अदालत में मामले की आगे की सुनवाई के बाद JPSC परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े विवाद की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचाब के मामले में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रम सामने आया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी साहिल लोचाब के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे और उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।