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स्कूलों में आज से 22 भाषाओं में पांच वाक्य सीखेंगे विद्यार्थी

इस कार्यक्रम के लिए विशेषरूप से एक किताब भी तैयार कराई गई है जिसमें तिथिवार भाषाओं में बोले जाने वाले वाक्यों का कार्यक्रम दिया गया है। इसके तहत पहले दिन असमिया, दूसरे दिन बांग्ला और आगे इसी तरह यह क्रम संविधान के अनुच्छेद आठ में वर्णित सभी 22 भाषाओं के लिए आगे चलता जाएगा।

Author November 20, 2018 4:48 AM
स्कूलों में हर दिन उपयोग में आने वाले पांच वाक्यों को हर दिन सुबह की प्रार्थना के समय बुलवाया जाएगा। (प्रतीकात्मक फोटो)

देश भर के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे मंगलवार से एक महीने तक 22 भाषाओं के पांच वाक्यों को सीखेंगे। 21 दिसंबर तक चलने वाला ‘भाषा संगम’ केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। एचआरडी मंत्रालय में संयुक्त सचिव मनीष गर्ग की ओर से सभी देश के सभी शिक्षा सचिवों, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय संगठन और नवोदय विद्यालय समिति को जारी पत्र में कहा गया है कि ‘भाषा संगम’ के माध्यम से हम विद्यार्थियों को भाषायी विविधता से रूबरू कराएंगे। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अपने देश की भाषाओं के बारे में न सिर्फ जानेंगे बल्कि उनका लगाव भी इससे बढ़ेगा जिसके फलस्वरूप देश की एकता को बढ़ावा मिलेगा। इस कार्यक्रम के लिए विशेषरूप से एक किताब भी तैयार कराई गई है जिसमें तिथिवार भाषाओं में बोले जाने वाले वाक्यों का कार्यक्रम दिया गया है। इसके तहत पहले दिन असमिया, दूसरे दिन बांग्ला और आगे इसी तरह यह क्रम संविधान के अनुच्छेद आठ में वर्णित सभी 22 भाषाओं के लिए आगे चलता जाएगा।

प्रतिदिन उपयोग में आने वाले पांच वाक्यों को हर दिन सुबह की प्रार्थना के समय बुलवाया जाएगा। विद्यालय चाहें तो इस दौरान किसी शिक्षक, अभिभावक या किसी जाने-माने व्यक्ति को आमंत्रित कर इन वाक्यों को बुलवा सकते हैं। स्कूल के वरिष्ठ विद्यार्थियों को वाक्यों के पोस्टर बनाने के लिए उत्साहित किया जा सकता है और इन पोस्टरों को स्कूल में जगह-जगह लगाया जा सकता है। शिक्षक पूरे दिन उसी भाषा में वाक्य बोल सकते हैं जिस भाषा में प्रार्थना के दौरान वाक्य बोले गए थे। हर दिन की गतिविधियों का वीडियो स्कूल ‘भाषा संगम’ यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर सकते हैं। इसके आधार पर श्रेष्ठ स्कूल, खंड, जिले और राज्य को पुरस्कार दिया जाएगा।

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