West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया और कहा कि कानून सांसदों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के लिए समान है।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “सोशल मीडिया पर नेताजी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को तुरंत पोस्ट डिलीट कर देनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।” सीएम का पुलिस को यह निर्देश बीजेपी सांसद नागेंद्रनाथ रॉय के बयान के बाद आया है।

बीजेपी सांसद ने नेताजी को लेकर की थी टिप्पणी

कूच बिहार के नेता नागेंद्र रॉय उर्फ ​​अनंत महाराज को जुलाई 2023 में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के रूप में पश्चिम बंगाल से संसद के लिए मनोनीत किया गया था। रॉय ग्रेटर कूच बिहार पीपुल्स एसोसिएशन के एक प्रमुख नेता और उत्तरी बंगाल के राजबंशी समुदाय के एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उन्होंने नेताजी को युद्ध अपराधी कहा था और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिंद फौज की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया था।

सीएम से मिले थे बीजेपी विधायक

उत्तर बंगाल के बीजेपी विधायकों और मंत्रियों के एक समूह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और नेताजी के खिलाफ की गई टिप्पणियों का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने बीजेपी विधायकों और पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता के साथ कहा कि पुलिस न केवल नेताजी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी, बल्कि उन्हें गिरफ्तार भी करेगी।

अनंत महाराज के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कानून विधायकों, सांसदों, किसी भी पार्टी के नेताओं, सरकारी अधिकारियों या पुलिस अधिकारियों के लिए समान है।”

शुभेंदु अधिकारी ने जनसेवा केंद्र स्थापित करने का निर्देश दिया

इसके अलावा शुभेंदु अधिकारी ने सभी विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जनसेवा केंद्र स्थापित करने और उनका नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखने का भी निर्देश दिया। अधिकारी ने आगे कहा कि राज्य कुछ शर्तों के अधीन केंद्रों के संचालन के लिए हर महीने 30000 रुपये की मदद देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों पर नेताजी का नाम होना अनिवार्य होगा और इनमें बोस की पारंपरिक धोती और कुर्ते में एक तस्वीर प्रदर्शित करनी होगी। यह राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारी ने कहा, “पहले हमारे राज्य में विधायक सरकारी दफ्तरों से काम करते थे। अब लगभग हर विधायक का अपना दफ्तर है। हर निर्वाचन क्षेत्र में विधायक द्वारा संचालित एक सेवा केंद्र होना चाहिए। इन केंद्रों के माध्यम से वे अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों को सेवाएं प्रदान करेंगे। हर किसी को सेवाएं मिलेंगी, चाहे उन्होंने उन्हें वोट दिया हो या नहीं। इन सेवा केंद्रों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र कहा जाएगा।”

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पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के साथ ही दो और अहम कानूनों को लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। ये कानून- धर्मांतरण विरोधी और जमीन की खरीद-बिक्री या लेन-देन से जुड़े हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…