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जब राहुल से हाथ जोड़ बोले थे PK- साथ में नहीं करना चाहिए काम; जानें अब कैसे हैं दोनों के रिश्ते?

प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अपने पारंपरिक तरीके या उनके तरीके से भी चुनाव लड़ती तो 7 से ज्यादा सीट लाती।

प्रशांत किशोर की मदद से कई दिग्गजों से सत्ता का सफर तय किया है। (एक्सप्रेस फोटो: अभिनव साहा)

साल 2017 में हुए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को भयंकर हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में प्रशांत किशोर ने ही कांग्रेस के लिए रणनीति बनाई थी। कांग्रेस पार्टी को मिली हार के बाद प्रशांत किशोर ने राहुल गांधी के सामने हाथ जोड़ कर कहा था कि अब हमें साथ काम नहीं करना चाहिए। हालांकि इसके बाद भी दोनों के बीच रिश्ते वैसे ही रहे जैसे विधानसभा चुनावों से पहले थे।

द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में प्रशांत किशोर ने कहा कि साल 2017 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले उनके द्वारा बनाई गई रणनीति से कांग्रेस को काफी फायदा मिला। जिस अखिलेश यादव से 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को गठबंधन करने में काफी दिक्कतें आ रही थी उसी से उन्हें 110 सीटें मिल गईं। जो थोड़ी सुगबुगाहट कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में शुरू हुई थी वो भी ख़त्म हो गई जिसका काफी नुकसान हुआ। मेरी गलती यह है कि उस फैसले के समर्थन में शामिल नहीं होने के बावजूद भी मैंने अपना नाम नहीं हटाया। इसलिए हार का ठीकरा मेरे सर पर फोड़ा जाना चाहिए। 

आगे प्रशांत किशोर ने कहा कि 2017 के उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद मैंने राहुल गांधी से हाथ जोड़ कर साफ़ कह दिया कि भाई अब हमें साथ काम नहीं करना चाहिए। काम इसलिए नहीं करना चाहिए क्योंकि मैं जो कहूंगा वो करा नहीं पाऊंगा। इससे आपका फायदा होने की बजाय नुकसान हो जाएगा। मेरा मानना है कि अगर 2017 के चुनाव में कांग्रेस अपने पारंपरिक तरीके या मेरे तरीके से चुनाव लड़ती तो भी 7 से ज्यादा सीट लाती। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आज भी राहुल गांधी और उनके परिवार वालों से उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं।

इस दौरान जब पत्रकार सौरभ द्विवेदी ने कहा कि आप अकेले ऐसे शख्स हैं जिनके नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी दोनों से अच्छे संबंध हैं। तो इसपर जवाब देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं दोनों के घर में जा सकता हूं। दोनों के घर जाने को लेकर जब दोबारा से सौरभ द्विवेदी ने कहा कि ऐसा कोई भी नहीं कह सकता है। इसपर प्रशांत किशोर ने कहा कि जो सच्चाई है उससे इंकार नहीं किया जा सकता है। आप पत्रकार हैं और आपको इसके बारे में अच्छे से पता है।

इंटरव्यू के दौरान प्रशांत किशोर ने यह भी बताया कि बूथ स्तर पर कांग्रेस की कमजोरी कैसे दूर हो सकती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि मैं जिस थ्योरी पर काम करता हूं, उसमें पार्टी के समर्थकों को कार्यकर्ता और कार्यकर्ता को काडर की तरह उपयोग किया जाता है। ऐसे ही काम हमने बिहार में भी किया होगा और 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के लिए किया होगा। इसके अलावा चुनाव में खास चेहरे को शामिल करना जरूरी होता है जिससे नए लोग जुड़ते हैं। ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करके चुनाव में तात्कालिक काडर बनाया जा सकता है। 

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